मैं आज भी मां की कमी महसूस करता हूं’, कोविंद की आत्मकथा के विमोचन पर भावुक हुए पीएम मोदी

मैं आज भी मां की कमी महसूस करता हूं’, कोविंद की आत्मकथा के विमोचन पर भावुक हुए पीएम मोदी*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ का विमोचन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कोविंद के जीवन संघर्ष और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में रामनाथ कोविंद का मार्गदर्शन, स्नेह और आत्मीयता उनके लिए बड़ी पूंजी रही। उन्होंने कहा कि कोविंद की आत्मकथा भारतीय लोकतंत्र और समाज की धरोहर बनेगी। प्रधानमंत्री ने रामनाथ कोविंद के बचपन और कम उम्र में मां को खोने का जिक्र करते हुए अपनी मां को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उनकी मां 100 वर्ष से अधिक जीवित रहीं और उन्हें आशीर्वाद देती रहीं, इसके बावजूद वह आज भी मां की कमी महसूस करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कम उम्र में मां को खोने के बावजूद रामनाथ कोविंद कठिन परिस्थितियों से टूटे नहीं, बल्कि संघर्षों ने उन्हें और मजबूत बनाया। पीएम मोदी ने कहा कि देश को भविष्य में रामनाथ कोविंद जैसे युवाओं की जरूरत है, जो परेशानियों से परास्त न हों और मेहनत के दम पर हर चुनौती का सामना करें। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण का आधार बनेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी रामनाथ कोविंद सक्रिय हैं और ‘एक देश, एक चुनाव’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसका समाधान देश के लोकतंत्र में एक नया अध्याय शुरू कर सकता है।

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