मोदी और नेहरू की तुलना नहीं हो सकती’, राज्यसभा में बोले सुधांशु त्रिवेदी- पूर्व पीएम को एक भी वोट नहीं मिला था*
धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सभापति धनखड़ ने विपक्ष की ओर से दिए गए तमाम नाम पुकारे लेकिन बायकाट के कारण वे सभी सदन में उपस्थित नहीं थे। इसके चलते केवल BJP की तरफ से बोलने वाले सांसदों ने ही प्रस्ताव पर अपनी बात रखी। त्रिवेदी के भाषण पर विपक्षी दलों की नारेबाजी के कारण कई बार बाधा उत्पन्न हुई । लेकिन वह पूरी रौ में नजर में आए । त्रिवेदी ने तमाम ऐसे उदाहरण गिनाए, जिनमें संविधान की प्रस्तावना में किया गया बदलाव भी शामिल है। त्रिवेदी ने ही चर्चा की शुरुआत की और उन्होंने एक के बाद एक हमले करते हुए कांग्रेस पर संविधान को लेकर कथनी और करनी में भेद का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस संविधान की रक्षा बात कर रही है। यह वही कांग्रेस ने जिससे पूरी ताकत से बार-बार संविधान का लगातार अनादर किया ।






