अखिलेश के लिए कितने खराब एमपी-राजस्थान-छत्तीसगढ़ के नतीजे*
मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनावी नतीजों में जहां एक बार फिर मोदी मैजिक पर मुहर लगी है। वहीं कांग्रेस के मंसूबों पर पानी फिर गया है। इन नतीजों नेअखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले को भी फेल कर दिया है। हालांकि पूरे चुनाव के दौरान अखिलेश और कांग्रेस के बीच जिस तरह की तनातनी रही। मध्य प्रदेश में सीट शेयरिंग को लेकर जिस तरह से विवाद होता रहा उससे साफ लग रहा था कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान इंडिया गठबंधन में किसका पलड़ा भारी रहेगा। एमपी के नतीजे ये भी तय कर देंगे।अब जब एमपी चुनाव में सपा और उसे दरकिनार करने वाली कांग्रेस दोनों के लिए नतीजे बुरे रहे हैं। राजनीति के जानकार इसे दो ढंग से देख रहे हैं। एक तो ये कि इंडिया गठबंधन को राष्ट्रीय स्तर के चुनाव में ले जाने के दावे कमजोर हुए हैं। दूसरे ये कि यदि विपक्षी गठबंधन आकार लेता है। हिंदी पट्टी के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के लिए गठबंधन के सबसे बड़े दल कांग्रेस से सीट शेयरिंग में अपनी शर्तों पर बात करना पहले से ज्यादा आसान होगा।






