*यूक्रेन रूस युद्ध:युद्धग्रस्त यूक्रेन के सूमी शहर से सभी भारतीय निकले, स्वदेश वापस लाने की तैयारी शुरू*
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को 13 दिन हो चुके हैं। भारत युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीयों को निकलने के पुरजोर प्रयास कर रहा है। इस कड़ी में विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि युद्धग्रस्त यूक्रेन के सूमी शहर में फंसे सभी भारतीय छात्रों को बाहर निकाल लिया गया है और ऑपरेशन गंगा के तहत उन्हें स्वदेश वापस लाने के लिए उड़ानें तैयार की जा रही हैं। सूमी से सभी भारतीय छात्रों को बाहर निकालने में सफल रहे विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि सुमी से बाहर निकाले गए भारतीय छात्रों को पोल्टावा ले जाया जा रहा है, जहां से वे पश्चिमी यूक्रेन के लिए ट्रेनों में सवार होंगे। पोल्टावा सुमी से लगभग 175 किमी की दूरी पर है। बागची ने ट्वीट किया कि यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम सूमी से सभी भारतीय छात्रों को बाहर निकालने में सफल रहे हैं। वे वर्तमान में पोल्टावा के रास्ते में हैं, जहां से वे पश्चिमी यूक्रेन के लिए ट्रेन में सवार होंगे।हालांकि इस बात की जानकारी अभी नहीं दी गई है कि लोगों को किस सीमा बिंदु से भारत वापस लाया जाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्विटर पर एक वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें भारतीय छात्रों को खड़ी बसों के पास जलपान करते हुए दिखाया गया है।रूस ने सीमाओं तक पहुंचाए अन्य देशों के नागरिक एक बयान में रूसी दूतावास ने कहा कि रूसी संघ के सशस्त्र बलों द्वारा किए गए अभूतपूर्व सुरक्षा उपायों के लिए धन्यवाद, पोल्टावा के माध्यम से पोलैंड के साथ सीमा तक 723 लोगों को सुमी से निकाला गया है, उनमें से 576 भारत के नागरिक हैं , चीन के 115, जॉर्डन के 20, ट्यूनीशिया के 12। बता दें कि रूस मानवीय गलियारे प्रदान करने के लिए तैयार हो गया है जिससे कि युद्धग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को निकाला जा सके।इससे एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पुष्टि की थी कि सूमी में फंसे भारतीय छात्रों के लिए निकासी प्रक्रिया शुरू हो गई है और उन्हें बसों में पोल्टावा ले जाया जा रहा है। पुरी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मैंने नियंत्रण कक्ष से जांच की, सूमी में 694 भारतीय छात्र शेष थे। आज, वे सभी पोल्टावा के लिए बसों में रवाना हुए हैं।






