ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस : किया फर्जीवाड़ा तो खानी पड़ेगी जेल की हवा और देना पड़ेगा जुर्माना फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर जेल की हवा और लाख रूपये तक का जुर्माना
इंदौर 4 अगस्त lघर बैठे ही लर्निंग लाइसेंस बनवाने के काम में भी फर्जीवाड़े होने के खुलासे के बाद अब विभाग ने कहाकि यदि ऐसा करता हुआ आवेदक पाया जाता है तो उसे जेल भी जाने के साथ और एक लाख तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। उल्लेखनीय है कि पूरे प्रदेश में 1 अगस्त से ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस की व्यवस्था लागू की गई है। जिसके तहत बिना आरटीओ ऑफिस जाए घर बैठे ही लर्निंग लाइसेंस बनवाये जा सकते है .बताया जा रहा है कि इस व्यवस्था में भी एजेंट खुद आवेदक की जगह पैसे लेकर लायसेंस बनवा रहे है l पहले दिन इंदौर में बने 48 लर्निंग लाइसेंस:सितम्बर से चार सेवाएँ और होंगी आनलाइन जानकारी के अनुसार अगर कोई आवेदक इस सुविधा का दुरुपयोग करते हुए गलत जानकारी देकर लाइसेंस बनवाता है तो उसे जेल भी जाना पड़ सकता है और एक लाख तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। आरटीओ जितेंद्र रघुवंशी ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस व्यवस्था में आवेदक को ही आधार कार्ड से अपने नाम, पते और उम्र की जानकारी अपडेट करने के बाद अपनी निजी जानकारी अपलोड करने की सुविधा दी है। आवेदक यहां गलत जानकारी भी भर सकता है, जिससे उसका लर्निंग लाइसेंस तो बन जाएगा, लेकिन जब वह परमानेंट लाइसेंस के लिए आरटीओ ऑफिस आएगा तब उसके सभी दस्तावेजों और फिजिकल फिटनेस का वेरिफिकेशन होगा। इस दौरान अगर ऐसी कोई बात सामने आती है कि आवेदक ने गलत जानकारी देते हुए लाइसेंस बनवाया है, तब परिवहन विभाग ऐसे आवेदक के खिलाफ पुलिस में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज करवाएगा। इसमें आवेदक को छह माह तक की जेल और एक लाख रुपए तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।






