भोपाल लॉकडाउन के चलते कामकाज पूरी तरह से बंद होने की वजह से केन्द्र सरकार ने छोटी कंपनियों को पीएफ की राशि जमा कराने में बड़ी राहत दी है।
दरअसल केन्द्र ने तय किया है कि जिन निजी क्षेत्र के छोटे संस्थानों में 100 कर्मचारी तक नियुक्त हैं और उनका वेतन 15 हजार रुपए या उससे कम हैं, तो ऐसे संस्थानों के कर्मचारियों के तीन माह के पीएफ का अंशदान सरकार जमा कराएगी। इसको लेकर बीते दिनों आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में 26 मार्च को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना लांच की थी। पीएमजीकेवाय पैकेज के तहत 100 तक कर्मचारियों को रोजगार प्रदान करने वाले संस्थानों को संरक्षण देने के लिए केंद्र सरकार ईपीएफ एवं ईपीएस अंशदान 3 माह तक (वेतन का 24 फीसदी) सभी अंशदाता सदस्यों को रिलीफ के रूप में भुगतान करेगी।
केंद्र ने किया नोटिफाई
उक्त पैकेज को लागू करने के लिए श्रम एवं रोजगार, मंत्रालय भारत सरकार ने योजना अधिसूचित (नोटिफाई) की है, जिसमें उद्देश्य, पात्रता, मानदंड, वैधता, अवधि प्रक्रिया और रात का लाभ प्राप्त करने के तरीके को तय किया गया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन इलेक्ट्रॉनिक तंत्र ईसीआर के माध्यम से नियोक्ताओं को अपने योग्य कर्मचारियों के संबंध में राहत देने के लिए ऐसा करने का निर्णय लिया है। योग्य नियोक्ता इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए कर्मचारी का वेतन का भुगतान करेगा और ईसीआर अपलोड करने के साथ आवश्यक प्रमाण पत्र और घोषणा देना सुनिश्चित करेगा। कर्मचारियों की पात्रता को जांचने के उपरांत केंद्र सरकार की ओर से देय योग्य कर्मचारियों का अंशदान एवं नियोक्ता अंशदान तथा बचा हुआ अंशदान जो कि नियोक्ता की ओर से देय है, अलग-अलग दिखाई देगा।
संस्थान के पात्र कर्मचारियों के यूएन में के्रडित होगी राशि
उक्त जानकारी देते हुए कार्यालय के क्षेत्रीय आयुक्त एसके सुमन ने बताया कि कर्मचारी सदस्य ईपीएफ योजना के पैरा 68 एल (3) के तहत अपने खाते के बैलेंस का 75 फीसदी या तीन माह के वेतन या आवेदित राशि, इनमें से जो भी जमा हो, को ना-रिकवरेबल अग्रिम के रूप में निकाल सकते हैं। नियोक्ता की ओर से देय राशि का भुगतान, जो चालान में परिलक्षित हो रहा है, करने पर, ईपीएफ एवं ईपीएस अंशदान राशि संस्थान के पात्र कर्मचारियों के यूएन में केंद्र सरकार की ओर से क्रेडिट कर दी जाएगी।






