सरकारी निर्माण की गुणवत्ता पर पीएम मोदी सख्त, बोले- थर्ड पार्टी फेल तो चौथी पार्टी से कराएं ऑडिट*
सरकारी निर्माण और सार्वजनिक परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को मासिक प्रगति बैठक में उन्होंने केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों से सवाल किया कि यदि थर्ड पार्टी ऑडिट के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता में कमी सामने आ रही है तो क्या अब चौथी पार्टी से ऑडिट कराने की जरूरत है। पीएम मोदी ने कहा कि काम की रफ्तार के साथ उसकी गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता की निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था मजबूत करने तथा आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। बैठक में प्रधानमंत्री ने नौ राज्यों से जुड़े रेलवे, सड़क और बिजली क्षेत्र के छह बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की, जिनकी कुल लागत 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने परियोजनाओं को अलग-अलग हिस्सों में देखने के बजाय एकीकृत व्यवस्था के रूप में मॉनिटर करने के निर्देश दिए। पावर सेक्टर की परियोजना की समीक्षा के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि केवल बिजली उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, इसके साथ पर्याप्त ट्रांसमिशन क्षमता भी जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं में गति के साथ गुणवत्ता और बेहतर निगरानी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।






