बिना थर्ड पार्टी बीमा वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल न देने पर पायलट प्रोजेक्ट चलाए सरकार : सुप्रीम कोर्ट*
सुप्रीम कोर्ट ने बिना थर्ड पार्टी बीमा के सड़कों पर चल रहे वाहनों पर सख्त रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार को ऐसा पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का निर्देश दिया है, जिसके तहत वैध बीमा नहीं होने पर पेट्रोल पंपों पर वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्र की पीठ ने देश में बढ़ते सड़क हादसों और बड़ी संख्या में बिना बीमा वाले वाहनों पर चिंता जताई। अदालत ने वित्त संबंधी संसदीय समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देश में पंजीकृत 30.48 करोड़ वाहनों में से 16.54 करोड़ वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस व्यवस्था से दो प्रमुख लाभ होंगे। पहला, बिना बीमा या बिना पंजीकरण वाले वाहनों की पहचान आसान होगी और दूसरा, वाहन मालिक वैध थर्ड पार्टी बीमा कराने के लिए प्रेरित होंगे। अदालत ने यह भी कहा कि अनिवार्य थर्ड पार्टी बीमा का उद्देश्य सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराना और उन्हें लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचाना है।






