शिक्षा का नया जगत प्रस्तुत किया, कालूगणी

शिक्षा का नया जगत प्रस्तुत किया, कालूगणी

17th September, दक्षिण मुंबई। महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल, कालबादेवी, मुंबई में शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी एवं शासनश्री साध्वीश्री मंजुरेखाजी आदि ठाणा-५ के सान्निध्य में पूज्य गुरुदेव कालूगणी का महाप्रयाण दिवस मनाया गया। दक्षिण मुंबई श्रावक मनोज झबक के मंगलाचरण से कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।

शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी ने कहा— “पूज्य गुरुदेव कालूगणी ने अपने शासन काल में भिक्षु शासन को जिस ढंग से सिंचन दिया, वह बगीचा आज ज्ञान-ध्यान से लहरा रहा है।” आपके असीम कृपा एवं आशीर्वाद से पाणिनीय व्याकरण की तरह “भिक्षु शब्दानुशासनम्” नाम का अष्टाध्यायी व्याकरण रचित हुआ तथा उसमें प्रवेश पाने के लिए “कालू कौमुदी” नाम से संस्कृत व्याकरण रचा गया। आपकी कृपा से धर्मसंघ में संस्कृत भाषाविद् अनेकों साधु-साध्वियाँ हुए जिन्होंने संस्कृत भाषा में विविध आयामी ग्रन्थ लिखे।

शासनश्री साध्वीश्री मंजुरेखाजी ने कहा— “पूज्य गणाधिपति गुरुदेवश्री श्री तुलसी की लघु वय में दीक्षा, संस्कृत, प्राकृत, गुजराती आदि अनेक भाषाओं का ज्ञान, साहित्य रचना आदि में निपुणता तथा जन-जीवन को एक नई जीवन-शैली प्रदान की। उन्होंने जैन विश्व भारती यूनिवर्सिटी की कल्पना कर हज़ारों छात्र-छात्राओं को व्यसनमुक्त जीवनशैली प्रदान कर राष्ट्र के निर्माण में नया काम किया। यह सब पूज्य कालूगणी की प्रदत्त शिक्षा का प्रतिफल है।”

साध्वी श्री उदितप्रभाजी, निर्णयप्रभाजी, चेतनाजी आदि उपस्थित रहे। संयोजन शासनश्री साध्वीश्री मंजुरेखाजी ने किया। युवक रत्न श्रावक अशोकभाई संघवी ने विचार व्यक्त किए।

आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन से अध्यक्ष कुंदनमल धाकड़, कार्याध्यक्ष गणपत डागलिया, मंत्री लक्ष्मीलाल डागलिया, कोषाध्यक्ष प्रकाश सिसोदिया, श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा दक्षिण मुंबई से अध्यक्ष देवेन्द्र डागलिया, मंत्री पवन बोलिया, कोषाध्यक्ष अशोक धींग, तेयुप दक्षिण मुंबई से अध्यक्ष सुमित सुराणा, मंत्री श्रेयांस मुनोत तथा कोषाध्यक्ष रौनक धाकड़ की विशेष उपस्थिति रही। यह जानकारी सभा प्रचार मंत्री नितेश धाकड़ एवं तेयुप उपाध्यक्ष दर्शन डागलिया ने दी।

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