निर्वाचन आयोग ने आधार कार्ड को 12वें पहचान दस्तावेज के रूप में मान्यता देने को कहा*
नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने बिहार चुनाव आयोग को स्पष्ट निर्देश दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप मतदाता पहचान स्थापित करने के लिए आधार कार्ड को एक अतिरिक्त यानी 12वें पहचान दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखे पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड को केवल पहचान पत्र के तौर पर मान्यता दी जाए, न कि नागरिकता का प्रमाणपत्र मानकर। यह निर्णय विशेष रूप से आधार कार्ड के उपयोग को लेकर चल रही गलतफहमियों को दूर करने के लिए लिया गया है। निर्वाचन आयोग ने बताया कि आधार कार्ड का उद्देश्य वित्तीय और अन्य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं का वितरण सुनिश्चित करना है, इसलिए इसे पहचान के अतिरिक्त दस्तावेज के रूप में ही स्वीकार किया जाना चाहिए। यह कदम मतदाता सूची को सटीक व पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।






