जीएसटी के आठ साल पूरे, आज से नियमों में होगा बड़ा बदलाव*
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को देश में एक जुलाई 2017 को लागू किया गया था। अब मंगलवार को इसके आठ वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। जीएसटी लागू करने का मकसद देश की अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और एकरूप बनाना था, जिसमें काफी हद तक सफलता भी मिली है। व्यापार जगत के मुताबिक, जीएसटी आने के बाद व्यावसायिक प्रक्रियाएं आसान हुई हैं। आनलाइन पंजीयन, रिटर्न फाइलिंग और कर भुगतान से छोटे व मध्यम उद्योगों को भी सुविधा मिली है। व्यापारी नेता सतीश माहेश्वरी ने बताया कि जीएसटी लागू होने से राज्यों के चेक पोस्ट खत्म हो गए, जिससे माल ढुलाई तेज हुई और लॉजिस्टिक लागत घटी। वैट के सी-फार्म से भी राहत मिली। हालांकि इसके साथ कई चुनौतियां भी सामने आईं — पूरी प्रणाली के कंप्यूटरीकृत होने से छोटे व्यवसायों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जीएसटी नोटिस केवल ऑनलाइन आने से परेशानी बढ़ी, निर्यातकों को रिफंड में देरी हुई और विभागीय प्रक्रियाओं में अकसर अव्यवस्थाएं रहीं। अब जीएसटी के कुछ नियमों में बदलाव किया जा रहा है, जो 1 जुलाई से लागू होंगे। सबसे बड़ा बदलाव बिक्री आंकड़ों में फेरबदल की पुरानी व्यवस्था को खत्म करना है, जिसका कुछ कारोबारी दुरुपयोग करते थे। अब गलती सुधारने के लिए नया जीएसटीआर-1ए लागू किया जाएगा। पहले छह महीने तक बदलाव की छूट रहती थी, लेकिन अब यह अवधि घटाकर दो दिन कर दी गई है।






