अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण : 6 अप्रैल को दोपहर 12 बजे होगा रामलला का सूर्य तिलक*
अयोध्या में रामलला के सूर्य तिलक की व्यवस्था अगले 20 वर्षों तक स्थायी रूप से सुनिश्चित कर दी गई है। इस रामनवमी (6 अप्रैल) से हर साल भगवान राम के जन्मोत्सव पर सूर्य की किरणें दोपहर 12 बजे रामलला के मस्तक का अभिषेक करेंगी। यह अद्भुत व्यवस्था रुड़की के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गई “सूर्य तिलक मैकेनिज्म” के माध्यम से होगी। आईआईटी रुड़की ने विशेष ऑप्टो-मैकेनिकल सिस्टम तैयार किया है, जिसमें मंदिर के शिखर पर लगे विशेष दर्पण और लेंस सूर्य की किरणों को परावर्तित करके रामलला के ललाट तक पहुंचाएंगे। यह प्रक्रिया बिजली या बैटरी के बिना गियर-बेस्ड तकनीक से संचालित होगी। वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 19 वर्षों तक सूर्य तिलक का समय हर साल थोड़ा-थोड़ा बढ़ेगा। 2025 में जितनी देर तक सूर्य तिलक होगा, 2044 में भी उतनी ही अवधि के लिए दोहराया जाएगा। यह अनोखी वैज्ञानिक तकनीक दुनियाभर के श्रद्धालुओं को राम जन्मोत्सव का दिव्य अनुभव देने के लिए लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से प्रसारित की जाएगी।






