पदकों से आगे बढ़ा भारत का गौरव, पीएम मोदी ने खिलाड़ियों के संघर्ष को किया सलाम*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय पदक विजेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से ग्लासगो खेलों के अनुभव जाने और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। मुलाकात के दौरान मीराबाई चानू ने पेरिस ओलंपिक के बाद चार वर्षों तक चोटों और व्यक्तिगत चुनौतियों से जूझने के बाद राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने की भावुक कहानी साझा की। प्रधानमंत्री ने उनके आंसुओं को संघर्ष और सफलता से जोड़ते हुए उनकी उपलब्धि को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक बताया। मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने ग्लासगो के एक रेस्टोरेंट में भारत के नक्शे को लेकर हुई घटना का जिक्र किया। वहीं रजत पदक विजेता जादूमणि सिंह ने अपना पदक कारगिल के शहीदों को समर्पित करने की बात बताई। प्रधानमंत्री ने उनके जज्बे और देशभक्ति की सराहना की। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से ‘खेलो इंडिया’ की प्रतिष्ठा और मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि पदक केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं हैं, बल्कि ये देश के युवाओं को खेलों से जुड़ने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि किसी देश को खेलों में बड़ी सफलता तब मिलती है, जब वहां खेल संस्कृति विकसित होती है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। सीमित खेल स्पर्धाओं वाले इस संस्करण में भारत का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।






