2034 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हो सकते हैं

2034 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हो सकते हैं*
एक देश, एक चुनाव से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक भले ही लोकसभा में पेश कर दिया गया हो, लेकिन संसद से पास होने के बावजूद लोकसभा के साथ सभी विधानसभाओं के चुनाव 2034 में हो सकते हैं। 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभाओं के चुनाव को 2034 के लोकसभा चुनाव तक की बाकी अवधि के लिए कराया जा सकता है। ताकि सभी विधानसभाओं का कार्यकाल 2034 में लोकसभा के कार्यकाल के साथ समाप्त होकर एक देश, एक चुनाव को मूर्त रूप दिया जा सके। एक देश एक चुनाव विधेयक लोकसभा में पेश होने के बाद संयुक्त संसदीय समिति को चला गया है। पूरी चर्चा के बाद इसे संसद से पारित करा लिया जाता है तो भी इसका क्रियान्वयन 2034 में ही संभव होगा। दरअसल पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट के आधार पर तैयार संशोधन विधेयक में लोकसभा और विधानसभाओं के बीच में भंग होने की स्थिति में पांच वर्ष में से बाकी बचे समय के लिए चुनाव कराने का प्रविधान किया गया है। इसी प्रविधान का इस्तेमाल करते हुए 2029 के बाद होने वाले चुनाव में सभी विधानसभाओं के कार्यकाल को 2034 तक के लिए निर्धारित किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2027 और उसके बाद 2032 में होना है। ऐसे में 2032 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा का चुनाव सिर्फ दो वर्षों के लिए होगा। इससे 2034 में लोकसभा चुनाव के साथ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का रास्ता साफ हो जाएगा। कोविन्द समिति ने लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने और स्थानीय निकायों के चुनाव उससे अलग कराने की सिफारिश की थी, जिसे संशोधन विधेयक में भी शामिल किया गया है।

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