मंदिर कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज*
सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों में कार्यरत पुजारियों, सेवादारों और कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को लेकर दायर जनहित याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया में सुनवाई होगी। यह याचिका वकील अश्विनी उपाध्याय की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में केंद्र और राज्य सरकारों को मंदिर कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं की समीक्षा के लिए न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश देने की मांग की गई है। इसमें कहा गया है कि सरकार द्वारा मंदिरों का प्रशासनिक और आर्थिक नियंत्रण संभालने के बावजूद वहां कार्यरत पुजारियों और कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन नहीं मिल रहा, जो उनके आजीविका के अधिकार का उल्लंघन है। याचिका में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि कई मंदिर कर्मचारियों को अकुशल श्रमिकों के बराबर भी न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा। साथ ही तमिलनाडु के एक मंदिर में आरती की थाली में दक्षिणा लेने पर रोक लगाए जाने का भी जिक्र किया गया है। मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ करेगी।






