बंगाल की राजनीति में इंडिया गठबंधन पर फिर छिड़ी बहस*
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इंडिया गठबंधन को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में वामपंथी दल लंबे समय तक सत्ता में रहे हैं और आज भी उनके पास करीब सात फीसदी स्थायी वोट बैंक मौजूद है। विश्लेषकों के अनुसार चुनावी हार के बाद इंडिया गठबंधन की मजबूती की बात करने वाली ममता बनर्जी यदि पहले ही राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों और विपक्षी समीकरणों को बेहतर ढंग से समझ लेतीं, तो उन्हें मौजूदा स्थिति का सामना कम करना पड़ता। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों के बीच तालमेल की कमी और वोटों के बिखराव का असर चुनावी परिणामों पर पड़ा है। वहीं इंडिया गठबंधन के भविष्य और विपक्षी एकजुटता को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं।






