*बीना विधायक निर्मला सप्रे के विरुद्ध नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे हाईकोर्ट*
मध्यप्रदेश की विधानसभा सीट बीना से विधायक निर्मला सप्रे ने कांग्रेस की सदस्यता त्याग कर भाजपा का दामन थाम लिया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण भी कर ली थी।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने मध्यप्रदेश विधानसभा के सभापति के समक्ष निर्मला सप्रे की विधायकी को निरस्त करने के लिए जो याचिका प्रस्तुत की थी, उसका निराकरण सभापति नरेंद्रसिंह तोमर द्वारा अब तक नहीं किया है, जिससे व्यथित होकर उमंग सिंघार ने हाईकोर्ट की शरण लेते हुए याचिका दायर की गई है और यह मांग की है कि निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले निरस्त की जाए।
भारतीय संविधान की अनुसूची 10 के अनुसार यदि कोई विधायक दल बदल करता है तो उसकी विधानसभा से सदस्यता निरस्त की जानी चाहिए। यदि दल-बदल के बाद ऐसे व्यक्ति को विधायक रहना हो तो उसे फिर से चुनाव लड़ना पड़ता है।
हाल ही में शिवपुरी जिले की विजयपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के पूर्व नेता रामनिवास रावत ने भी भाजपा का दामन थाम कर पुनः चुनाव लड़ा और हार गए, इसीलिए निर्मला सप्रे की चिंताएँ बढ़ी हुई हैं।
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