निलेश मुनि जैसे संतोंकी ज़रूरत है तो हार्दिक हुंडिया जैसे जागृत धर्म प्रेमीओ की : डॉ प्रदीप बाफ़ना ।
निलेश मुनि जैसे संतोंकी ज़रूरत है तो हार्दिक हुंडिया जैसे जागृत पत्रकारो की : डॉ प्रदीप बाफ़ना ।
दो दिन पहले अचानक मुंबई के जे बी नगर के एक जैन मंदिर की चर्चा जैन धर्म के आनुआईओ में बहुत चली । ना कोरोना , ना कर्फ़्यू , ना कोई ऐसी परिस्थिति हुई कि तीन भगवान का मंदिर बन रहा । ना पक्षाल , ना पूजा , ना देव दर्शन । लोग सोचने को मज़बूर हो गये कि हुया क्या ? ट्रस्टी ओ की आपस की लढ़ाई में दादा के मंदिर के द्वार बंद हो गये । जैन समाज के अग्रणी और ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोशियेसन के मध्य प्रदेश राज्य के प्रमुख डॉ प्रदीप बाफ़ना ने बताया कि ये दुखद पूर्ण घटना है । डॉ बाफ़ना ने बताया के जब ये बात का पता राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया को पता चली तो उन्होंने विधान भवन में महाराष्ट्र राज्य के स्पीकर राहुल नारवेकर को मिलने गये तब जैन मुनि निलेशचन्द्र जी चर्चा की । दूसरे दिन शाम को मुनि श्री का फ़ोन हार्दिक हुंडिया को आता है कि आप पहोचो मैं जे बी नगर आता हूँ । शाम को दोनों मंदिर के पास मिले । निलेश मुनि और हार्दिक हुंडिया के साथ में संघ के भूतपूर्व अध्यक्ष नवीन नाहर , विश्व हिंदू परिषद , बजरंग दल के कार्यकर्ता भी थे । मंदिर खुलाने महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा , वरिष्ठ बीजेपी नेता संजय उपाध्याय जैसे कई महानुभाव भी आये थे । निलेश मुनि ने कहा मैं आज हार्दिक हुंडिया के कहने से आया हूँ ।मेरे दादा का मंदिर तीन दिन बंद ? देश का कोई भी धर्म प्रेमी ये सहन नहीं कर सकता है ? अभी का अभी मंदिर खोलो वरना मैं यहाँ ही मेरी जान दे दूँगा । भारी पोलिश बंदोबस्त के बीच रात को तीन बजे मंदिर के द्वार खुले । दादा मुनिसुव्रत स्वामी के जय जय कारा के साथ जब प्रभु के दर्शन हुए तब चारो तरफ़ ख़ुशी का माहोल धर्ममय माहोल बन गया । निलेश मुनि ने कहा कि तीन दिन दादा के मंदिर पूजा पक्षाल के बिना रहा ये बड़ी दुखद पूर्ण घटना है । मंदिर संघ का था और संघ का रहेगा । हार्दिक हुंडिया ने कहा ट्रस्टीओ के झगड़े आप से में बैठ के समाधान कर लो , लेकिन परमात्मा का मंदिर अब आपस की लढ़ाई में बंद नहीं होना चाहिये । मुंबई जैसी धर्म नगरी में धर्म के प्रति निलेश मुनि और हार्दिक हुंडिया की धर्म के प्रति खुमारी को नमन है । रात को ४ बजे प्रवचन उपाश्रय में हुया । संघ ने निलेश मुनि , हार्दिक हुंडिया का आभार माना और हार्दिक हुंडिया का सम्मान भी किया ।डॉ प्रदीप बाफ़ना ने कहा कि हम की धर्म के प्रति वफ़ादारी निलेश मुनि और हार्दिक हुंडिया जैसी है । जे बी नगर मंदिर के द्वार खुलाने जिन्होंने भी निलेश मुनि और हार्दिक हुंडिया का साथ दिया हो उनका दिल धन्यवाद देता हूँ ।






