इंदौर की सेंट्रल जेल में धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी

बंदियों के जीवन का अन्धकार दूर कर नवरंग लाने की कोशिश

इंदौर की सेंट्रल जेल में धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी


इंदौर।शक्ति के आराधना पर्व नवरात्रि में इंदौर के सेंट्रल जेल में अनूठी पहल सामने आई है। नवरात्रि उत्सव में जेल बंदियों के जीवन के अंधकार को दूर कर नवरंग लाने की कोशिश की जा रही है। सेंट्रल जेल में भी जेल स्टाफ द्वारा न केवल नौ दिन नवदुर्गा को स्थापित कर पूजन किया जा रहा है, बल्कि जेल बंदियों द्वारा नौ दिनों तक गरबा भी किया जा रहा है।

सेंट्रल जेल अधीक्षक अलका सोनकर ने बताया कि आदिवासी बंदियों द्वारा गुजराती गरबे का प्रदर्शन एवं अन्य बंदियों द्वारा आदिवासी लोक नृत्य भी प्रस्तुत किया रहा है। गरबों के लिए महिला एवं पुरुष बंदियों की कई टीम बनाई गई है जो सुंदर वेश-भूषा में पारंपरिक गरबे प्रस्तुत कर रहे हैं। गरबे के पश्चात जेल अधिकारी एवं स्टाफ के साथ सभी कैदी माँ अम्बे की आरती भी करते हैं। गरबा देखने के लिए जेल के बड़े मैदान में करीब 1000 बंदियों को अनुमति दी जाती है। बंदियों को एक माह पहले से जया शेट्टी ने गरबों का प्रशिक्षण दिया।

स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. की टीम ने सेंट्रल जेल में आयोजित गरबा उत्सव में भाग लिया। अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल, रवि चावला, सोनाली यादव, मीना राणा शाह, विजय गुंजाल, बंशी लालवानी, संजय मेहता, गोविन्द लाहोटी, समीर पाठक, अशोक रघुवंशी, गोवर्धन लिम्बोदिया, जीतू गुप्ता, शैलेन्द्र श्रीमाल, प्रभात जैन आदि ने माँ अम्बे की आरती की। उप-जेल अधीक्षक इंदरसिंह नागर एवं संतोष लड़िया ने मीडियाकर्मियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन सुधीर नागले ने किया।सेंट्रल जेल में नवरात्रि के अलावा गणेश उत्सव, दीपावली आदि त्यौहार भी मनाए जाते हैं। समय-समय पर शिव-पुराण कथा और अन्य धार्मिक, सामाजिक आयोजन भी जेल अधीक्षक अलका सोनकर की प्रेरणा से लगातार हो रहे हैं।

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