पूरे यूपी में आदेश लागू कराने के फैसले से सहयोगी दल खफा, JDU व RLD ने जताई नाराजगी*
कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली दुकानों पर नाम व पहचान बड़े अक्षरों में लिखने पर छिड़ी बहस थमने का नाम नहीं ले रही है। वहीं इसे लेकर केंद्रीय सियासत में भी उबाल आ गया। कांग्रेस, जेडीयू और रालोद नेता भी इसके विरोध में उतर आए हैं। कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली दुकानों पर प्रमुखता से नाम प्रदर्शित करने पर देशव्यापी बहस छिड़ चुकी है। एक तरफ नेताओं के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है, दूसरी तरफ दुकानों के बाहर नाम प्रदर्शित करने का सिलसिला जारी है। वहीं सीएम योगी ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए साफ कह दिया है कि पूरे प्रदेश में कांवड़ मार्गों पर दुकानदारों को नाम लिखना होगा। इससे सहयोगी दल भी खफा हो गए हैं। बहस और नेताओं की जुबानी जंग के बीच गुरुवार शाम को और शुक्रवार सुबह दुकानदार व ठेले वाले नाम और पहचान अंकित करते नजर आए। विपक्षी पार्टियों के नेताओं के साथ-साथ सहयोगी पाटियों की भी नाराजगी झेलनी पड़ रही है। वहीं जेडीयू से लेकर आरएलडी तक की भी नकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई हैं। रालोद के प्रदेश अध्यक्ष ने भी इस निर्देश के लिए नारजगी जाहिर की है। वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि ये नफरत को बढ़ावा देने वाला आदेश है, ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उधर भाजपा नेता संगीत सोम ने आदेश का समर्थन करते हुए अखिलेश यादव पर पलटवार किया है।






