अधिवक्ता कैसे संगठित हो सकते हैं इस के लिए विचार करने की जरूरत है शर्मा

अधिवक्ता कैसे संगठित हो सकते हैं इस के लिए विचार करने की जरूरत है शर्मा,?

भोपाल।संगठित होना कोई एक बार किया जाने वाला कार्य नहीं है। संगठन एक सतत अभ्यास है जो प्रबंधनीय भागों में विभाजित होने पर सबसे अच्छा काम करता है। लक्ष्य आपके मूल्यवान समय और कार्यक्षेत्र पर नियंत्रण रखना है ताकि आप अप्रत्याशित के लिए अधिक कुशल और बेहतर ढंग से तैयार हो सकें। संगठित होने से आपकी एकजुटता के अन्य लोगों को और सबसे महत्वपूर्ण रूप से आपके सदस्यों को भी लाभ होता है। उक्त विचार राष्ट्रीय अधिवक्ता मंच मध्य प्रदेश अध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा के है वह भोपाल जिला अधिवक्ता बाबा भीमराव अंबेडकर सभागार में व्यक्त कर रहे थे।उन्होंने
नव नियुक्त पदाधिकारियों को राष्ट्रीय संयुक्त अधिवक्ता मंच परिवार में सम्मिलित होने पर हार्दिक स्वागत एवं अनंत शुभकामनाएं दीं। इन्होंने भी संबोधित किया श्रीमती संजू मिश्रा, प्रदेश महामंत्री,महिला प्रकोष्ठ, श्रीमती सीमा मालवीय, संभागीय अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ,भोपाल संभाग, श्रीमती एकता कोल जिला अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ, श्री विमलेश शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, युवा प्रकोष्ठ सहित श्री आदित्य शर्मा, श्री विजय बहादुर सिंह तोमर, श्री भूपेश उपाध्याय, श्री वाय के तिवारी, श्री हर्ष दीप सिंह, श्री अमृतपाल सिंह गंभीर सहित राष्ट्रीय संयुक्त अधिवक्ता मंच के सभी पदाधकारीगण उपस्थित रहे।

1613 views