संत-महात्माओं ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने और पृथक गौ मंत्रालय की मांग उठाई

संत-महात्माओं ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने और पृथक गौ मंत्रालय की मांग उठाई

इंदौर। गौ माता के सम्मान, संरक्षण एवं संवर्धन के लिए चलाए जा रहे “गो सम्मान आह्वान अभियान” के अंतर्गत इंदौर में आयोजित संभागीय संगोष्ठी में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, गौभक्तों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम में इंदौर-उज्जैन संभाग के 15 जिलों से आए संत-महात्मा मंच पर उपस्थित रहे।

इस अवसर पर परम पूज्य ग्वाल संत श्री गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने गौ संरक्षण की गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में प्रतिदिन 85 हजार गायों का कटना अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने गौ माता के संरक्षण के लिए समाज को एकजुट होकर प्रभावी प्रयास करने का आह्वान किया।

परम पूज्य स्वामी अच्युतानंद जी महाराज ने अभियान के आगामी चरण की घोषणा करते हुए कहा कि 17 दिसंबर को देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को 31 करोड़ हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि गौ माता के सम्मान और संरक्षण के लिए देशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले रहा है।

संगोष्ठी में उपस्थित सभी संत-महात्माओं ने एक स्वर में गौ माता को “राष्ट्र माता” घोषित करने की मांग का समर्थन किया। साथ ही केंद्र सरकार से पृथक गौ मंत्रालय की स्थापना करने की मांग भी उठाई गई, ताकि देश में गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रभावी और समन्वित नीति बनाई जा सके।

कार्यक्रम में “गो सम्मान आह्वान अभियान” के आगामी चरणों की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। संतों ने गौभक्तों और समाज के सभी वर्गों से अभियान से जुड़कर इसे देशव्यापी जनअभियान बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा “गो सम्मान आह्वान अभियान” की उपलब्धि के लिए प्रदान किए गए विश्व रिकॉर्ड प्रमाण-पत्र का भी उल्लेख किया गया। आयोजकों ने कहा कि गौ माता के सम्मान और संरक्षण का यह संकल्प अब और व्यापक रूप से जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।कार्यक्रम संचालन जिला संयोजक मनोज तिवारी ने किया।

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