*निगम की दोहरी नीति से जाम: सड़क भी चाहिए, अस्थायी बाजार भी!*
*त्योहारों में यातायात व्यवस्था पर अक्षय जैन ने उठाए सवाल, दशहरा मैदानों में अस्थायी बाजार बनाने का सुझाव*
इंदौर। त्योहारों के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों में बढ़ते जाम और यातायात दबाव को लेकर इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने नगर निगम की अतिक्रमण एवं यातायात व्यवस्था पर तीखा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय बाजारों में भीड़ बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन सड़क और फुटपाथ पर अस्थायी दुकानें तथा बेतरतीब वाहन पार्किंग समस्या को कई गुना बढ़ा देती है।
जैन ने कहा कि छोटे दुकानदारों को सड़क और फुटपाथ पर दुकान लगाने की छूट अथवा मौन सहमति दी जाती है। इसके बाद खरीदारी करने आने वाले ग्राहक भी उन्हीं सड़कों पर अपने वाहन खड़े कर देते हैं। नतीजा यह होता है कि सड़क की उपयोगी चौड़ाई घटती जाती है और यातायात व्यवस्था जाम में बदल जाती है। इसका खामियाजा आम नागरिकों के साथ नियमित दुकानदारों और ग्राहकों को भी भुगतना पड़ता है।
उन्होंने विशेष रूप से राजबाड़ा और उसके आसपास के क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि नगर निगम इस क्षेत्र को सड़क और फुटपाथ अतिक्रमण के मामले में जीरो टॉलरेंस क्षेत्र घोषित कर चुका है। ऐसे में सवाल यह है कि जब नीति इतनी स्पष्ट है तो उसका पालन भी ईमानदारी, समानता और निरंतरता के साथ क्यों नहीं कराया जा रहा? यदि सड़क यातायात के लिए है तो उसे अस्थायी बाजार में बदलने की अनुमति किस व्यवस्था के तहत दी जा रही है?
*दशहरा मैदानों में बाजार विकसित हों*
अक्षय जैन ने सुझाव दिया कि त्योहारों के दौरान शहर के प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्ध दशहरा मैदान, खुले मैदान अथवा निर्धारित सार्वजनिक स्थलों पर अस्थायी बाजार विकसित किए जाएं। वहां दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान, ग्राहकों को पार्किंग और प्रशासन को यातायात प्रबंधन का बेहतर अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इससे छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी भी प्रभावित नहीं होगी और मुख्य बाजारों की सड़कें भी जाम तथा अतिक्रमण से मुक्त रहेंगी। प्रशासन को त्योहारों से पहले ही क्षेत्रवार योजना बनाकर अस्थायी बाजार, पार्किंग और यातायात की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
जैन ने कहा, “नीति बनाना आसान है, लेकिन उसकी निष्पक्ष और प्रभावी पालना ही प्रशासन की वास्तविक परीक्षा है। सड़क भी चाहिए, व्यापार भी चाहिए और जनता को सुगम यातायात भी इन तीनों के बीच संतुलन बनाना ही नगर निगम की जिम्मेदारी है।”
*अक्षय जैन*
*अध्यक्ष, इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन*






