बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर की सरकारी योजना को हाईकोर्ट ने दी इजाजत*
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आखिरकार मथुरा-वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर की सरकारी योजना को हरी झंडी दे दी। इसके साथ कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार कानूनी प्रक्रिया के तहत बिना दर्शन प्रभावित किए अपने धन से लोक व्यवस्था, जन स्वास्थ्य, सुरक्षा और जन सुविधा प्रदान करने का अपना वैज्ञानिक दायित्व पूरा करे। मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर व न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सोमवार को अनंत कुमार शर्मा व अन्य की जनहित याचिका पर यह फैसला दिया। कोर्ट ने साफ कहा, कॉरिडोर निर्माण के लिए बांकेबिहारी मंदिर के बैंक खाते में जमा 262.50 करोड़ रुपये को हाथ न लगाया जाए। साथ ही मंदिर प्रबंधन में हस्तक्षेप भी न करें। वहीं, मंदिर प्रबंधन को कहा है कि किसी भी श्रद्धालु के दर्शन करने को प्रतिबंधित न करें। जिला प्रशासन आदेश का पालन सुनिश्चित कर 31 जनवरी, 2024 को अपनी रिपोर्ट पेश करे। कोर्ट ने कहा, संविधान के अनुच्छेद 25 व 26 में मिला धार्मिक अधिकार लोक व्यवस्था के अधीन है। लोकहित का कार्य पंथ निरपेक्षता का क्रियाकलाप है। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्र, अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल व मुख्य स्थायी अधिवक्ता कुणाल रवि ने बहस की।






