एक अक्टूबर से महंगी होगी विदेश यात्रा*
एक अक्टूबर से विदेश यात्रा महंगी हो जाएगी। इसकी वजह यह है कि विदेश यात्रा पैकेज और लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम पर सात लाख रुपये से अधिक खर्च करने वालों के लिए टीसीएस की सबसे ऊंची 20 प्रतिशत की दर लागू होगी। वर्तमान में आरबीआइ के एलआरएस के तहत विदेश में हस्तांतरित धन पर सात लाख रुपये से अधिक की राशि पर पांच प्रतिशत टीसीएस लगता है। बजट 2023-24 में एक जुलाई से प्रभावी एलआरएस और विदेश यात्रा पैकेज पर टीसीएस दरों को पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया था। अभी एक वित्त वर्ष में सात लाख रुपये तक के एलआरएस हस्तांतरण पर कोई टीसीएस नहीं लगता है। एक अक्टूबर के बाद यह प्रविधान यथावत जारी रहेगा। वहीं विदेश टूर पैकेज की खरीद पर वर्तमान में पांच प्रतिशत टीसीएस लगता है। एक अक्टूबर से सात लाख रुपये तक के ऐसे खर्च पर पांच प्रतिशत टीसीएस ही लगेगा, लेकिन सात लाख रुपये से अधिक के खर्च पर टीसीएस दर 20 प्रतिशत से अधिक होगी। चिकित्सकीय उपचार और शिक्षा के लिए सात लाख रुपये से अधिक के वार्षिक खर्च पर पांच प्रतिशत का टीसीएस जारी रहेगा । विदेशी शिक्षा के लिए ऋण लेने वालों के लिए सात लाख रुपये की सीमा से ऊपर 0.5 प्रतिशत की कम टीसीएस दर लागू रहेगी।






