तीन साल बाद फिर कॉंग्रेस के मंच पर देखने को मिले.. प्रमोद टंडन.

तीन साल बाद फिर कॉंग्रेस के मंच पर देखने को मिले.. प्रमोद टंडन..

राजनीति में उतार चढ़ाव आना सर्व विदित है, लेकिन अपनी मूल पार्टी का त्याग अपने नेता केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति भावनात्मक लगाव के चलत श्री टंडन ने कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हो गये थे, वे लगभग साढ़े तीन भाजपा में रहे, वहां उन्होंने भाजपा की नफरत की राजनीति और भय व भ्रष्टाचार की नीति से तंग होकर अपने सहयोगी साथियों के आग्रह पर अपने घर कांग्रेस में लोटने का फैसला किया, वे कल 23 सितम्बर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की उपस्थिति में कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन में पुन: कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे, इसके पूर्व श्री टंडन ने शुभकारज गार्डन में स्नेह भोज व संगीत निशा का कार्यक्रम आयोजित कर अपने समर्थक एवं कांग्रेस के छोटे-बड़े नेता और कार्यकर्ताओं को फोन पर आमंत्रित किया. स्नेह भोज व मिलन समारोह में उमड़ी भीड़ ने साबित कर दिया कि जो जज्बा, रुतबा, जोश, जुनून उनके शहर कांग्रेस अध्यक्ष रहते कांग्रेस में था, वह भाजपा छोड़ कांग्रेस में पुर्नवापसी के बाद भी कायम है.
श्री टंडन के स्नेह भोज के साक्षी बने अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं इन्दौर के प्रभारी महेन्द्र जोशी, सहप्रभारी महेन्द्र परमार, चंद्रशेखर शर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीतसिंह चड्डा, कार्यवाहक अध्यक्ष विशाल गोलू अग्निहोत्री, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सदाशिव यादव, पंडित कृपाशंकर शुक्ला, विधायक संजय शुक्ला, पूर्व विधायक अश्विन जोशी, रमेश यादव उस्ताद, राजेश चौकसे, जय हार्डिया, विनय बाकलीवाल, छोटे यादव, राजा मांधवानी, डा. अमीनुद्दीन सुरी, शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष साक्षी शुक्ला डागा, प्रकाश महावर कोली, शैलेष गर्ग, सन्नी पठारे, अमित चौरसिया, वीरु झांझोट, गिरधर नागर, सोहराब पटेल, कविता कुशवाह, किरण जिरेती, हिमानी सिंह, किरण अशोक वेद, सुषमा यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद थे. तीन साल बाद फिर देखने को मिला प्रमोद टंडन का जलवा…..

राजनीति में उतार चढ़ाव आना सर्व विदित है, लेकिन अपनी मूल पार्टी का त्याग अपने नेता के प्रति लगाव के कारण करना और तीन साल बाद वापस अपने कई (पार्टी) में लोटकर आना, और वही रुतबा, जोश, जुनून के साथ पहले जैसा स्नेह, प्यार, दुलार और अपनत्व पानी बहुत कम लोगों को नसीब होता है, यह साबित किया है, शहर कांग्रेस के अध्यक्ष रहते हुए कांग्रेस का त्याग कर भाजपा में शामिल होना और साढ़े तीन साल बाद वापस अपनी मूल पार्टी में लोटे यारों के यार, दिलदार, दु:ख-सुख के साथी, हरदिल अजीज एवं मिलनसार व्यक्तित्व के धनी प्रमोद टंडन ने.
उल्लेखनीय है किया केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति भावनात्मक लगाव के चलत श्री टंडन ने कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हो गये थे, वे लगभग साढ़े तीन भाजपा में रहे, वहां उन्होंने भाजपा की नफरत की राजनीति और भय व भ्रष्टाचार की नीति से तंग होकर अपने सहयोगी साथियों के आग्रह पर अपने घर कांग्रेस में लोटने का फैसला किया, वे कल 23 सितम्बर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की उपस्थिति में कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन में पुन: कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे, इसके पूर्व श्री टंडन ने शुभकारज गार्डन में स्नेह भोज व संगीत निशा का कार्यक्रम आयोजित कर अपने समर्थक एवं कांग्रेस के छोटे-बड़े नेता और कार्यकर्ताओं को फोन पर आमंत्रित किया. स्नेह भोज व मिलन समारोह में उमड़ी भीड़ ने साबित कर दिया कि जो जज्बा, रुतबा, जोश, जुनून उनके शहर कांग्रेस अध्यक्ष रहते कांग्रेस में था, वह भाजपा छोड़ कांग्रेस में पुर्नवापसी के बाद भी कायम है.
श्री टंडन के स्नेह भोज के साक्षी बने अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं इन्दौर के प्रभारी महेन्द्र जोशी, सहप्रभारी महेन्द्र परमार, चंद्रशेखर शर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीतसिंह चड्डा, कार्यवाहक अध्यक्ष विशाल गोलू अग्निहोत्री, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सदाशिव यादव, पंडित कृपाशंकर शुक्ला, विधायक संजय शुक्ला, पूर्व विधायक अश्विन जोशी, रमेश यादव उस्ताद, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद थे.

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