लोकसभा चुनाव 2024 के लिए मोदी बनाम राहुल की चुनावी जमीन तैयार*
संसद में राहुल की वापसी का रास्ता साफ होते ही 2024 के महासमर के लिए मोदी बनाम राहुल की जमीन तैयार हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से न सिर्फ संसद में राहुल गांधी की वापसी होगी, बल्कि लोकसभा चुनाव लड़ने का रास्ता भी साफ हो गया है। निचली अदालत से मिली दो साल की सजा के बाद उन पर अगले आठ साल के लिए चुनाव लड़ने पर भी रोक लग गई थी। विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) भले ही प्रधानमंत्री के चेहरे के बिना लोकसभा चुनाव में उतरने का ऐलान किया हो, लेकिन भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि विपक्ष के सबसे बड़े चेहरे के रूप में जनता के बीच राहुल गांधी ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने खड़े होंगे। दरअसल मोदी बनाम राहुल गांधी की लड़ाई को भाजपा अपने लिए अनुकूल मानती है। 2019 का मुकाबला मोदी बनाम राहुल का हो चुका है, जिसमें कांग्रेस को भारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था और भाजपा 2014 की तुलना में अधिक सीटों और वोट शेयर के साथ सत्ता में वापसी की थी। भाजपा मानती है कि प्रधानमंत्री मोदी लोकप्रियता के मामले में अब भी राहुल गांधी से बहुत आगे हैं और 2024 के महासमर पर एक फिर भारी पड़ेंगे। विपक्षी गठबंधन लगातार लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री का फैसला लेने की बात कह रहा है। लेकिन, भारत जोड़ो यात्रा ने राहुल गांधी की छवि बदलने में काफी सफलता मिली है और जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता का ग्राफ भी बढ़ा है। आइएनडीआइए की ओर से भले ही राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के चेहरे के रूप में औपचारिक ऐलान नहीं हो, लेकिन गठबंधन के वे सबसे बड़े चेहरे होंगे इसमें कोई संदेह नहीं है।
1407 views





