मिशन 80 के तहत हारी हुईं सीटों पर गठबंधन के सहयोगियों की हैसियत परखेगी बीजेपी*
पिछले लोकसभा चुनाव में राजग को प्रदेश की 80 में से 64 सीटों पर जीत मिली थी। बसपा ने 10, सपा ने पांच और कांग्रेस ने एक सीट पर चुनाव जीता था। भाजपा ने 2022 में रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में दोनों सीटें सपा से छीन ली। अब संभल, मैनपुरी और मुरादाबाद सपा के पास हैं। भाजपा इस बार इन सीटों को गठबंधन के सहयोगियों अपना दल, सुभासपा और निषाद पार्टी के हिस्से में देना चाहती है, लेकिन उससे पहले इन इलाकों में उनके राजनीतिक हैसियत का आंकलन भी करेगी। मिशन 80 के तहत भाजपा हारी हुई सीटों पर पिछले दो साल से मंथन कर रही है। भाजपा के स्थानीय रणनीतिकारों का मानना है कि अपना दल (एस) को उनकी मौजूदा मिर्जापुर और रॉबर्टसगंज सीट मिलना लगभग तय है। संतकबीरनगर से निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद भाजपा के टिकट पर जीते थे। पार्टी के नेताओं का मानना है कि हारी हुई सीटें सहयोगी दलों को देने से पार्टी के पास जोखिम कम रहेगा। साथ ही सहयोगी दलों के सामाजिक समीकरण से पिछड़े वर्ग में भाजपा की स्थिति और भी मजबूत होगी।
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