डेटा लीक में भारत दुनिया में पांचवें स्थान पर*
साइबर विशेषज्ञों की राय हर जगह मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी देने से बचें।डेटा आने वाले समय का ‘गोल्ड’ और ‘ऑयल’ है, यह कहना है साइबर विशेषज्ञों का।तेलंगाना की साइबराबाद पुलिस ने देश के सबसे बड़े 67 करोड़ डेटा लीक मामले में मुख्य आरोपी को पकड़ा है। इस खुलासे के बाद हर किसी को अपने मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पर्सनल डिटेल्स लीक होने की चिंता सताने लगी है। साइबराबाद पुलिस का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में डेटा लीक होना बताता है कि इसका मार्केट का कितना बड़ा है। डेटा सुरक्षा की वीपीएन सर्विस कंपनी सर्फशार्क के अनुसार इस साल की पहली तिमाही में 12 लाख डेटा ब्रीच के साथ भारत दुनिया में पांचवें स्थान पर रहा। अमेरिका और रूस पहले व दूसरे स्थान पर हैं। साइबर एक्सपर्ट्स की राय है कि हमारी छोटी सी चूक या नासमझी की वजह से डेटा लीक हो रहा है, यह हमारी फाइनेंस के साथ पर्सनल लाइफ के लिए भी खतरा है।डेटा चोरी से फाइनेंस के साथ पर्सनल लाइफ खतरे में पड़ सकती है एक्सपर्ट का मानना है कि आने वाले समय में डेटा लीक क्राइम का सबसे बड़ा हथियार होगा। 66.9 करोड़ डेटा लीक खुलासे के बाद डेटा सुरक्षित रखने के सवाल पर साइबर विशेषज्ञों ने बताए उपाए






