सीहोर में बाल्टी में से मुट्ठी भरकर रुद्राक्ष फेंंककर होना था वितरण, क्या होता फिर
भोपाल,
मध्य प्रदेश के सीहोर में हो रही पंडित प्रदीप मिश्रा की श्री शिव महापुराण कथा में रुद्राक्ष उत्सव में वितरण कार्यक्रम निरस्त करने के पीछे क्या कारण था, यह पहली बार आपको लाइव हिंदुस्तान जानकारी दे रहा है।
एसपी सीहोर मयंक अवस्थी ने बताया कि कथा अनवरत चल रही है लेकिन रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम को निरस्त कराया गया है क्योंकि लाखों की भीड़ जुट गई थी और महाराज बाल्टी के पानी में से मुट्ठी भरकर भीड़ में फेंककर रुद्राक्ष वितरण करने वाले थे। ऐसे में क्या होता, इसकी कल्पना के बाद ही उस कार्यक्रम को रोकने को कहा गया।
पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने पंडित प्रदीप मिश्रा के श्री शिव महापुराण कथा की अनुमति से लेकर 28 फरवरी कार्यक्रम की शुभारंभ के दिन जो हुआ, उसके बारे में विस्तार से बताया। एसपी अवस्थी ने कहा कि शिव महापुराण कथा में शायद महाराज को आने वालों की संख्या का अनुमान नहीं था। उन्होंने इसकी प्रशासन से अनुमति लेते समय भी कुछ लोगों के आने की बात लिखी थी और अपने स्वयं सेवकों से व्यवस्था करने का आश्वासन दिया था।
भीड़ के बाद महाराज को कथा तक सीमित करने को कहा
एसपी अवस्थी ने कहा कि 28 फरवरी को जब भीड़ हो गई तो पता चला कि रुद्राक्ष वितरण पंडित प्रदीप मिश्रा बाल्टी में पानी में भरे रुद्राक्षों को मुट्ठी में भरकर भीड़ के बीच में फेंककर करेंगे। यह जानने के बाद महाराज से कार्यक्रम को कथा तक सीमित करने को कहा गया और इसके लिए उनसे श्रद्धालुजनों से सीधे अपील करने का आग्रह किया गया। भीड़ को देखकर उन्हें कथा करने के लिए उनका एक दरवाजा तोड़कर मंच तक लाया गया। तब वे मंच पर पहुंचे और फिर उन्होंने रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम को निरस्त करने का ऐलान किया। अब शिव महापुराण कथा का आयोजन लगातार चल रहा है और सुरक्षा के पूरे इंतजाम कर दिए गए हैं।






