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पत्रकार समाज का होता है दर्पण: मुनिश्री पीयूषचंद्रजी

पत्रकार समाज का होता है दर्पण: मुनिश्री पीयूषचंद्रजी

  • मोहनखेड़ा मंे जैन पत्रकार संघ का हुआ अधिवेषन, आगामी अधिवेषन दसाई में
    राजगढ़(धार)। जैन समाज देष के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता हैं। सेवा एवं समर्पण के क्षेत्र में भी जैन समाज अग्रणीय रहता हैं। नए उभरते संगठन के माध्यम से जैन समाज जनसेवा का एक बड़ा केंद्र बन रहा हैं। बेहतर एवं कुषल संगठन से ही देष एवं समाज का विकास हो सकता हैं। पत्रकार समाज का दर्पण होता हैं। जब वह संगठित होकर कोई कार्य करता है तो उसके परीणाम बेहतर होते हैं।
    उक्त प्रेरणादायी प्रवचन, गच्छाधिपति आचार्यश्री ऋषभचंद्र सूरिष्वरजी के षिष्य मुनिश्री पीयूषचंद्र विजयजी ने रविवार को मोहनखेड़ा में आयोजित जैन पत्रकार के प्रथम प्रादेषिक अधिवेषन को संबोधित करते हुए दिए। आपने कहा कि मोहनखेड़ा की पवित्र भूमि से संघ के अधिवेषन की शुरूआत हो रही हैं। जो आगे जाकर निष्चित ही नए आयामों को छुएंगी। पत्रकारों की कलम में वह शक्ति होती है कि वह पीड़ितों व प्रभावितों की आवाज को बुलंदी से उठाकर प्रषासन को सही राह पर चलने को मजबूर कर देती हैं। संघ के प्रदेष अध्यक्ष दीपक दुग्गड़ इंदौर, संस्थापक अध्यक्ष राजेष संकलेचा नागदा ने इस संघ की स्थापना कर जैन समाज के लिए अनुकरणीय कार्य किया हैं। कार्यक्रम के शुभारंभ प्रदेष अध्यक्ष दुग्गड़, संस्थापक संकलेचा सहित अतिथि प्रकाष रांका, डॉ. सचिन आर्य, प्रवीण धारीवाल, सुजानमल सेठ, डॉ. प्रदीप कोठारी ने दीप प्रज्जलन कर गुरूदेव के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। समारोह के दौरान जैन पत्रकार संघ के प्रादेषिक पदाधिकारीयों का प्रदेष अध्यक्ष दुग्गड़ व संस्थापक संकलेचा ने मोतियांे की माला से बहुमान किया एवं सभी का स्मृति चिन्ह भी भेंट किए।
    आयोजनों की निरंतरता बनी रहें
    स्टेट प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों की निरंतरता बनी रहना चाहिए। कोई भी संगठन अपने लक्ष्य को तभी प्राप्त कर सकता हैं। जब वह लगातार सक्रिय होकर बैठकों का आयोजन कर अपने कार्यक्रमों की समीक्षा करता रहें। आगे कहा कि प्रदेष स्तरीय सम्मेलन वर्ष में दो बार एवं प्रदेष स्तरीय कार्य समिति की बैठक भी वर्ष मंे दो बार अनिवार्य रूप से आयोजित करेंगे। तो निष्चित ही संगठन अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता हैं।
    संगठन में आपसी प्रतिस्पर्धा घातक
    समारोह के विषेष अतिथि मोहनखेड़ा के मैनेजिंग ट्रस्टी सुजानमल सेठ ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता मेें आपसी प्रतिस्पर्धा घातक होती हैं। अतः सामूहिक रूप से प्रयास करेंगे तो सफलता निष्चित ही प्राप्त होगी। पत्रकार साथी अपनी प्रतिभा का उपयोग समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए करंेगे तो निष्चित ही संगठन के प्रति आम आदमी का विष्वास एवं भरोसा दिन ब दिन बढ़ेगा। समारोह के विषेष अतिथि एवं झाबुआ के समाजसेवी प्रकाष रांका ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में माना जाता हैं। यदि पत्रकार अपनी पूरी क्षमताओं को उपयोग करें तो निष्चित ही समाज की समस्या के निराकरण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता हैं। आपने कहा कि संगठन के संचालन हेतु 11 हजार रूप की मदद करने की घोषणा की।
    दसाई में होगा अलगा अधिवेषन
    प्रथम अधिवेषन के दौरान दसाई से आए जैन पत्रकारों ने अगला अधिवेषन दसाई में करने का आग्रह प्रदेष के पदाधिकारियों से किया। इस पर प्रदेष अध्यक्ष दीपक दुग्गड़ ने सर्वानुम्मति से आगामी अधिवेषन दसाई में करने की औपचारीक स्वीकृति दी।
    अंत में आभार प्रदेश सह सचिव सुनील बाभना ने माना
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