महिलाओं को हेलमेट लगाने की अनिवार्यता समाप्त

महिलाओं को हेलमेट लगाने की अनिवार्यता समाप्त

महिलाओं को वाहन चलाने के दौरान हेलमेट पहनने की अनिवार्यता को लेकर दायर दो जनहित याचिका श्रीमती साधना दगड़े विरूढ़ मध्यप्रदेश शासन एवं संजय मित्तल विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन की जनहित याचिकाओं का आज माननीय उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति माननीय श्रीमान सुजॉय पाल साहब एवं माननीय न्यायमूर्ति श्री अनिल वर्मा साहब के द्वारा निराकृत करते हुए यह व्यवस्था दी गई है कि अब महिलाओं वी बच्चो को हेलमेट /सुरक्षात्मक टॉप की अनिवार्यता नहीं है दोनों याचिकाओं को माननीय उच्च न्यायालय ने मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 213 के उप नियमों के तहत यह व्यवस्था सुनिश्चित की गई माननीय न्यायालय ने पूर्ववर्ती आदेश तथा राज्य सरकार द्वारा दिनांक 3 /3/2021 को जारी अधिसूचना जिसके तहत मध्य प्रदेश मोटरयान नियम 213 के उपनियम 2 को ही हटा दिया गया है।उक्त अधिसूचना के आधार पर दोनों जनहित याचिका का निराकरण किया गया है ।
ज्ञात रहे संजय मित्तल व साधना दगडे की ओर से जनहित याचिका माननीय उच्च न्यायालय इंदौर मैं इस आशय की प्रस्तुत की गई थी कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा दो पहिया वाहन की सवारी के दौरान महिलाओ द्वारा हेलमेट नहीं पहनने के कारण उनके अनगिनत चालान बनाए जाकर उनसे अवैध रूप से वसूली की जा रही थी और इसी को लेकर दोनों जनहित याचिकाएं प्रस्तुत की गई थी जिसमें इस माननीय न्यायालय के द्वारा पूर्व में दिनांक2/6/2011को अंतरिम राहत देते हुए पारित आदेश में राज्य शासन को यह निर्देश दिया गया था कि शहर में हेलमेट की कमी होने,पर्याप्त पूर्ति नहीं होने तथा मनमाने कीमत पर हेलमेट बेचने के कारण आमजनों को परेशानी को देखते हुए दोनों याचिकाओं में महिलाओं व बच्चों को हेलमेट पहनने से छूट प्रदान की गई थी । उक्त दोनों याचिकाओं में याचिकाकर्ताओं की ओर से श्री पी के शुक्ला, अधिवक्ता एवं एम एस चौहान अधिवक्ता के द्वारा पैरवी की गई तथा शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री पुष्यमित्र भार्गव के द्वारा पैरवी की गई।

1839 views