शोर शराबे और हंगामे के बीच संसद के दोनों सदनों में 127वाँ संविधान संशोधन बिल, 2021 सर्वसम्मति से पास हो गया.
इस बिल के क़ानून बन जाने के बाद राज्य सरकारों को ओबीसी यानी अन्य पिछड़ी जातियों की लिस्ट अपने हिसाब से तैयार करने का अधिकार मिल जाएगा और मराठा आरक्षण जैसे मसलों पर राज्य सरकार फ़ैसला लेने के लिए स्वतंत्र होगी.
यूं तो विपक्ष ने संसद के मॉनसून सत्र में जासूसी कांड और कृषि क़ानून को लेकर ख़ूब हंगामा किया, लेकिन ओबीसी से जुड़े बिल का सभी पार्टियों ने समर्थन किया.
आख़िर ओबीसी बिल में ऐसा क्या है कि किसी भी पार्टी ने अपनी असहमति नहीं जताई.






