राजस्थान के पड़ोसी जिलों में 10 रुपए सस्ता तेल सरकार पेट्रोल-डीजल पर बढ़े वैट को वापस ले, वरना 14 सीमावर्ती जिलों के बंद हो जाएंगे पंप; डीलर्स ने उठाई मांग
भरतपुर. भरतपुर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम एडीएम को ज्ञापन दिया। कहा कि गहलोत सरकार कोरोनाकाल में पेट्रोल-डीजल पर बढ़ाए गए वैट को वापस लें, अन्यथा राज्य के 14 जिलों के सीमावर्ती पंप बंद हो जाएंगे। इन सीमावर्ती जिलों से सटे दूसरे राज्य हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, पंजाब, गुजरात आदि में पेट्रोल/डीजल के भाव 7 से 10 रुपए लीटर कम हैं।
इस कारण इन जिलों के पड़ोसी राज्यों की सीमाओं से सटे कई पंप दो साल में बंद हो गए हैं। अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार ने बताया कि गहलोत सरकार बनने के बाद डीजल पर वैट 18 से 28 प्रतिशत और पेट्रोल पर 26 से बढ़ कर 38 प्रतिशत कर दिया गया है। इसमें पेट्रोल पर 8 प्रतिशत और डीजल पर 6 प्रतिशत वैट की वृद्धि तो कोरोना काल में ही की गई है। गहलोत सरकार को 5 जुलाई 2019 के बाद बढ़ाए गए पेट्रोल से 12 प्रतिशत और डीजल से 10 प्रतिशत वैट वापस लेना चाहिए।
भरतपुर, धौलपुर सहित 14 जिले हैं
एसोसिएशन के नेता मनोज शर्मा का कहना है कि भरतपुर, धौलपुर, अलवर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझनू, उदयपुर, सिरोही, जालोर, बांसवाड़ा, झालावाड़, कोटा के पंपों पर बिक्री ना के बराबर है। पड़ोसी जिलों में 7 से 10 रुपए सस्ता होने से वाहन चालक वहीं से पेट्रोल/डीजल भरवा लेते हैं।
इससे बिक्री ठप है और 50 से ज्यादा पंप बंद हो गए हैं। एसोसिएशन ने पेट्रोल/डीजल की धनराशि का प्रदेश पर एक पूल अकाउंट बनाने तथा बायो डीजल पंपों का जांच अभियान चलाए जाने की मांग की। प्रतिनिधि मंडल में सचिव सुभाष अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष मनोज झालानी भी शामिल थे।







