पुणे में 3 प्राइवेट टेस्टिंग लैब्स को सील किया गया, जांच कराने वाले 30% लोगों का डाटा छिपाने का आरोप

पुणे में 3 प्राइवेट टेस्टिंग लैब्स को सील किया गया, जांच कराने वाले 30% लोगों का डाटा छिपाने का आरोप
पुणे. कोविड-19 की टेस्टिंग करवाने वाले लोगों की अधूरी जानकारी देने वाले पुणे के तीन टेस्टिंग लैब को सील कर दिया गया है। पुणे महानगर पालिका ने जिन तीन लैब को सील किया है उनमें एक मेट्रोपोलिस भी है। जांच में सामने आया है कि लैब की गलती से यहां टेस्ट करवाने पहुंचे 30% कोरोना पॉजिटिव मरीजों का पता लगाने में दिक्कत हुई।
पुणे मनपा की अतिरिक्त आयुक्त रूबल अग्रवाल ने कहा कि शहर में स्थित सभी प्राइवेट लैब को अपने यहां टेस्टिंग करवाने वालों की जानकारी नगर निगम से शेयर करना अनिवार्य है। इसके बावजूद कई लैब्स इस जानकारी को छिपा रहे थे। फिलहाल जांच में तीन लैब्स को सील किया गया है। यह जांच जारी है और आने वाले समय में अगर कोई ऐसी लापरवाही करता हुआ मिलता है तो उस पर भी कार्रवाई होगी।
इन तीन लैब्स को किया गया सील
जिन तीन लैब्स को सील किया गया है उनमें सबअर्बन, मेट्रोपोलिस और क्रेसना डायग्नोस्टिक्स शामिल हैं। रूबल अग्रवाल ने कहा कि इनके यहां टेस्टिंग करवाने वाले 30 प्रतिशत से ज्यादा लोगों का पता नहीं लगा है इसलिए इनके संपर्क में आने वाले लोगों में संक्रमण की संभावना ज्यादा है। लैब्स को सील करने से पहले नगर निगम ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब नहीं देने पर इनके खिलाफ कार्रवाई हुई है।
पुणे में 60 से ज्यादा कंटेंमेट जोन
बता दें कि फरवरी के दूसरे सप्ताह से पुणे में कोरोना रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले सप्ताह पुणे नगर पालिका द्वारा 42 कंटेंमेट क्षेत्र घोषित किए गए थे। मंगलवार को इसमें 20 नए क्षेत्र जोड़े गए हैं। पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अनुसार औंध-बानेर में 15 में से 11 फील्ड ऑफिस में माइक्रो कंट्रीब्यूशन जोन की संख्या सबसे ज्यादा है। कोरोना के ज्यादातर मरीज शिवाजीनगर इलाके में पाए जा रहे हैं। इसलिए शिवाजीनगर में कोरोना का आकर्षण का केंद्र बनने की संभावना है।
पुणे में अभी भी 14 हजार पॉजिटिव केस
पुणे जिले में कोरोना का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। बीते 24 घंटे के अंदर जिले में 1412 संक्रमित पाए जाने से चिंता बढ़ गई है। हालांकि, नए 1344 मरीज कोरोना मुक्त हुए हैं। मंगलवार को जिले में कोरोना के संक्रमितों का आंकड़ा 4 लाख 20 हजार 877 तक पहुंच गया है, जिसमें से 3 लाख 97 हजार 588 मरीज अस्पताल से घर लौट गए हैं। फिलहाल अस्पतालों में 14 हजार 65 मरीजों का इलाज जारी है। अब तक 9224 मरीजों की मौत दर्ज हुई है।

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