मप्र ऊर्जा विभाग प्रमुख सचिव श्री संजय दुबे ली बैठक

लाइनमैन को लगे की बिजली चोरी रोकने में एसई, सीई मेरे साथ रहेंगे…

-बिजली चोरी रोकने एवं उपभोक्ता सेवा सुधार में अफसरों की भूमिका तय होगी

-मीटर रीडरों से लेंगे लोकेशन की सेल्फी- वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगेंगे

-मप्र ऊर्जा विभाग प्रमुख सचिव श्री संजय दुबे ली बैठक

इंदौर। बिजली चोरी रोकने के लिए कर्मचारी, अधिकारी सभी टीम भावना के साथ कार्य करे, लाइनमैन को अनुभव होना चाहिए को अनियमितता, बिजली चोरी रोकने में एसई, सीई मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े है। तभी चोरी रोकने एवं लाइन लास कम करने में आशातीत सफलता मिल पाएगी।

मप्र ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव श्री संजय दुबे ने ये बातें कही। वे पोलोग्राउंड इंदौर में शनिवार को इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर के बिजली अधिकारियों की बैठक में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मप्रपक्षेविविकं के प्रबंध निदेशक श्री अमित तोमर भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हमें ईमानदार उपभोक्ताओं के साथ सम्मान भाव से कार्य करना होगा, बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ संख्ती दिखानी होगी, तभी स्थिति सुधरेगी। श्री दुबे ने सर्वाधिक बिजली चोरी वाले इलाके इंदौर के नगीन नगर एवं उज्जैन के बेगमबाग में विशेष कार्य योजना बनाकर तीन माह में परिणाम लाने के निर्देश दिए। श्री दुबे ने कहा कि मीटर रीडरों से सेल्फी बुलाई जाए, ताकि वे मौके पर पहुंच रहे हैं, इस बात की पुष्टी हो सके। इसी के साथ बिजली कंपनी के वाहनों पर जीपीएस लगाया जाए, ताकि लोकेशन का पता लगे, वाहनों का दुरुपयोग न हो पाए। श्री दुबे ने 40 फीसदी से ज्यादा लास वाले प्रत्येक वितरण ट्रांसफार्मर पर मीटर लगाने के निर्देश दिए।
जीआईएस पर जोर

प्रमुख सचिव श्री संजय दुबे ने कहा कि जीआईएस पर उपभोक्ता का घर, पोल, ट्रांसफार्मर, फीडर, ग्रिड सभी मैपिंग होंगे। इससे कंपनी का काम आसान होगा, यह उपभोक्ता सेवा एवं सूचना प्रणाली के पुख्तापन में मदद करेगा। कंज्यूमर की इंडेक्सिंग भी ठीक होगी।

निगम के साथ कार्य करे

प्रमुख सचिव श्री दुबे ने प्रबंध निदेशक श्री अमित तोमर एवं मुख्य महाप्रबंधक श्री संतोष टैगोर को निर्देशित किया कि इंदौर नगर निगम के साथ लेकर लंबे समय से बकाया राशि नहीं देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे। ये लोग निगम एवं बिजली कंपनी यानि मप्र शासन के बकायादार है, संयुक्त कार्रवाई से निगम को टैक्स मिलेगा, हमें बिजली की बकाया रकम प्राप्त हो पाएगी।

हजारों कर्मचारी संग्रहण में लगे

प्रबंध निदेशक श्री तोमर ने बताया कि कंपनी के 15 जिलों के दस हजार कर्मचारी राजस्व संग्रहण की गतिविधियों में लगे हुए है। यह माह कंपनी की प्रतिष्ठा का माह है। सभी समर्पित भावना के साथ कार्य कर रहे है। इस मौके पर मुख्य महाप्रबंधक श्री टैगोर, निदेशक श्री मनोज झंवर, कार्यपालक निदेशक श्री संजय मोहासे, श्री गजरा मेहता, उज्जैन मुख्य अभियंता श्री पुनीत दुबे, शहर अधीक्षण यंत्री श्री कामेश श्रीवास्तव, ग्रामीण अधीक्षण यंत्री श्री डीएन शर्मा आदि ने भी विचार रखे।

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