आपको जाना होगा नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र, बड़े अस्पताल के डॉक्टरों से टेलीकांफ्रेंस कर बात करेंगी ANM
आपको जाना होगा नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र, बड़े अस्पताल के डॉक्टरों से टेलीकांफ्रेंस कर बात करेंगी ANM
पटना.अब बिहार के दूरदराज में रहने वाले मरीजों के लिए सरकार ने टेलीमेडिसिन की सुविधा शुरू कर दी है। यह टेलीमेडिसिन उन दूरदराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों के लिए है, जो बड़े शहरों के डॉक्टर से दूर रहते हैं। उनकी बीमारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या फिर सदर अस्पताल में चिन्हित नहीं हो पाती है या उसका इलाज नहीं हो पाता है। इसको लेकर बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने टेलीमेडिसिन की सुविधा उपलब्ध कराई है। इस टेलीमेडिसिन के माध्यम से बिहार के सभी 38 जिलों के 1724 स्वास्थ्य उप केंद्रों को सुविधा दी जाएगी। राज्य के सभी 36 सदर अस्पताल, दरभंगा और पश्चिम चंपारण के अनुमंडलीय अस्पताल और 158 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को हब के रूप में जोड़ा गया है।
टेलीमेडिसिन सेवा का लाभ ऐसे मिलेगा:
इसके लिए दूरदराज के मरीजों को अपने उप स्वास्थ्य केंद्र जाना होगा। वहां ANM के माध्यम से प्राथमिक जांच किया जाएगा। मसलन BP, टेंपरेचर इत्यादि।
बीमारी देखते हुए ANM हब के विशेषज्ञ डॉक्टर को ऑनलाइन चुनेंगी।
ANM उनकी बीमारी की जानकारी लेकर टेली कॉन्फ्रेंसिंग से हब के डॉक्टर से जुड़ जाएंगी।
मरीज की पूरी जानकारी ANM के द्वारा डॉक्टर को दी जाएगी और प्राथमिक जांच की रिपोर्ट भी डॉक्टर को उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके बाद डॉक्टर मरीज से लक्षण और बीमारी के बारे में बातचीत करेंगे।
डॉक्टर रोगियों को ऑनलाइन ही प्रिसक्रिप्शन देंगे।
उप स्वास्थ्य केंद्रों पर एक छोटा प्रिंटर उपलब्ध होगा, जिससे प्रिसक्रिप्शन का प्रिंट निकल जाएगा। उसे रोगी को दिया जाएगा। जो दवाइयां उपलब्ध होंगी, वो रोगी को दे दी जाएंगी।
यह सुविधा फिलहाल सप्ताह में 3 दिन यानी सोमवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को दी जाएगी। टेलीमेडिसिन की सुविधा प्राप्त करने के लिए सुबह 9:00 बजे से 2:00 बजे तक डॉक्टर उपलब्ध होंगे।
टेली कॉन्फ्रेंसिंग के लिए हब उप स्वास्थ्य केंद्रों को BSNL के माध्यम से इंटरनेट की सुविधा से जोड़ा जाएगा।
102 एंबुलेंस पोर्टल और वंडर एप भी लांच
102 एंबुलेंस पोर्टल एप के माध्यम से लोगों को उपलब्ध होगा। इस एप के माध्यम से एंबुलेंस को तुरंत बुलाया जा सकता है। इसका नाम ‘102 इमरजेंसी बिहार’ रखा गया है। यह एंबुलेंस सेवा ओला, उबेर की तरह काम करेगा। इसमें एंबुलेंस को ट्रैक किया जा सकता है। एंबुलेंस ड्राइवर का पूरा ब्यौरा भी इस एप पर उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने ‘वंडर एप’ का भी शुभारंभ किया। गर्भवती महिलाओं को किन-किन बातों का ख्याल रखना चाहिए और किस तरह की दवा लेनी चाहिए, यह सब कुछ इसपर उपलब्ध होगा। इससे उन्हें जरूरी चिकित्सा प्रोटोकॉल मिल सकेगा। मतलब, अलग लक्षण आने पर इस वंडर एप से चिकित्सीय सलाह भी ली जा सकती है।






