मंत्री के क्षेत्र में महिला के साथ शर्मनाक घटना और मंत्री उठा रहे चीयरलीडर के डांस का लुत्फ – लक्ष्मण सिंह
गुना।
चांचौड़ा विधायक और कांग्रेस नेता लक्ष्मण सिंह गुरुवार को सिरसी थाना क्षेत्र के ग्राम दगडफ़ला पहुंचे। यहां उन्होंने 9 फरवरी को ससुरालियों द्वारा प्रताडि़त आदिवासी महिला के पिता से बात की। पीडि़तों ने बताया कि महिला को उसके सुसरालियों ने प्रताडि़त किया। इसके बाद पुलिस ने सही कार्रवाई नहीं की। लक्ष्मण सिंह ने पीडि़त परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मानसिंह परसौदा, हरिशंकर विजयवर्गीय, ऋषि अग्रवाल, डॉ ओपी त्रिपाठी, तोफानसिंह बारेला, छतरसिंह बकान, नृपराज सिंह, पवन रघुवंशी, रामु धाकड़, सत्येंद्र सिकरवार, श्रीकिशन किरार आदि मौजूद रहे।
दगडफ़ला से लौटने के बाद चांचौड़ा विधायक लक्ष्मण सिंह ने गुना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान लक्ष्मण सिंह राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया एवम पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया पर हमलावर दिखाई दिए। लक्ष्मण सिंह ने कहाकि जिस मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में इस तरह की वारदात होती है, उसके पास वहां जाकर पीडि़त से मिलने का समय नहीं है। जबकि वह गुना जिला मुख्यालय पर क्रिकेट टूर्नामेंट कराते हैं और उसमें चीयर लीडर्स के साथ डांस का लुत्फ उठाते हैं। यह शर्मनाक है। लक्ष्मण सिंह यहीं नहीं रुके, उन्होंने यह भी कहाकि मंत्री खुद चाटुकारिता, चापलूसी और भ्रष्टाचार में अपनी पहचान बना चुके हैं। इस मामले में लक्ष्मण सिंह ने गुना जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली को भी जिम्मेवार ठहराते हुए गुना कलेक्टर को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कलेक्टर को पीड़ित महिला और उसके परिवार से मिलने की फुर्सत नहीं है। लक्ष्मण सिंह ने कहाकि इस मामले को कांग्रेस पार्टी महिला आयोग लेकर जाएगी। वह खुद प्रकरण में संज्ञान लेंगे। सिंह ने आरोप लगाया कि जैसे ही उनके पीडि़तों के पास जाने की प्रशासन को सूचना मिली तो पुलिस द्वारा महिला को वहां से गायब करवा दिया गया। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लक्ष्मण सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी कठघरे में खड़ा किया। सिंह ने कहा कि जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान प्रदेश के मुखिया बुधनी में क्रिकेट मैच खेल रहे थे। न उन्हें पीडि़तों से मिलने का समय था और न ही किसी मंत्री को मौके पर भेजने का। महिला सुरक्षा को लेकर विधायक ने भाजपा और आरएसएस को घेरते हुए कहाकि दोनों की ही कथनी और करनी में अंतर है। यह दोनों ही महिलाओं को दुर्गा का अवतार बताते हैं और देखिए प्रदेश में महिलाओं की क्या दुर्दशा है। गरीबों पर अत्याचार हो रहे हैं। इसका प्र्रमाण पत्र देते हुए लक्ष्मण सिंह ने राघौगढ़ क्षेत्र के एक मामले का जिक्र किया। जिसमें कुछ मजदूरों के हाथ जला दिए गए थे और उन्हें प्रताडि़त किया था। लक्ष्मण सिंह ने कहाकि वह उन मजदूरों से भी मिलेंगे, जिनपर अत्याचार किए गए। प्रदेश सरकार को भ्रष्टाचारी और निजीकरण को बढ़ावा देने वाली बताते हुए कहाकि उन्हें हाल ही में पता चला कि गुना का बस स्टैंड एक व्यक्ति ने 68 करोड़ रुपए में खरीदा है। अचानक इतनी राशि कहां से आ गई, यह जांच का विषय है। लक्ष्मण सिंह ने कहाकि आगे प्रदेश की मंडियां बिकने वाली हैं। निजीकरण का सिलसिला यहीं खत्म नहीं होने वाला है।






