शिवराज ने फिर चलाया निपटाऊ तीर, सिंधिया और नरोत्तम मिश्रा सीधे निशाने पर

शिवराज ने फिर चलाया निपटाऊ तीर, सिंधिया और नरोत्तम मिश्रा सीधे निशाने पर

मध्यप्रदेश में ई-टेंडर घोटाले की जांच से जुड़े आर्थिक अपराध शाखा के तीन पूर्व पुलिस अफ़सरों पर एफआईआर के आदेश ने जहाँ ई-टेंडर घोटाले की बुझती आग को फिर से हवा दे दी है, वहीं सिंधिया समर्थक मंत्री इमरती देवी और गोविंद सिंह राजपूत के विभागों को भ्रष्टाचार से जोड़कर सिंधिया की डोलती नैया डुबाने की शुरुआत भी कर दी गई है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे ही अपनी कुर्सी के लिये थोड़ा भी ख़तरा भाँपते हैं, तत्काल लोगों को निपटाने की अपनी चिर-परिचित शैली का उपयोग कर दुश्मन को ठिकाने लगा देते हैं।

मध्यप्रदेश में इन दिनों जहाँ नरोत्तम मिश्रा शिवराज की कुर्सी पर मारक नज़र डाल रहे हैं, वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया भी कभी अपने समर्थकों को मंत्री बनवाने, कभी निगम-मंडल की रेवड़ी दिलाने तो कभी मलाईदार विभाग पाने के लिये हर दूसरे दिन शिवराज पर दबाव डालते नज़र आते हैं।

इस बार शिवराज ने इन दोनों नेताओं को निपटाने के लिये अफ़सरों पर एफआईआर और चुनावी फ़ंडिंग की जाँच का सहारा लिया है। दरअसल ख़बरों में जिन विभागों से पैसे जुटाने की बात की जा रही है उनमें दो प्रमुख विभागों की कमान शुरू से अब तक सिंधिया समर्थक मंत्रियों के पास ही रही है।

कमलनाथ सरकार से लेकर वर्तमान शिवराज सरकार तक में महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री इमरती देवी और परिवहन विभाग के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत रहे है। अब शिवराज सरकार ने इन दोनों मंत्रियों के विभाग को जांच के दायरे में लाकर सिंधिया के गिरेबान में सीधे-सीधे हाथ डाल दिया है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि नरोत्तम मिश्रा और ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवराज के इस चक्रव्यूह से कैसे निपटते हैं। बहरहाल राजनीतिक पंडितों का मानना है कि शिवराज ने कांच के घर में खड़े होकर जो पत्थर चलाये हैं, वो उनके लिये भी बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकते हैं।

1313 views