सभी 28 सीटों पर नज़र आ रही स्पष्ट हार से बौखलाई बीजेपी, शुरू किया संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग

सभी 28 सीटों पर नज़र आ रही स्पष्ट हार से बौखलाई बीजेपी, शुरू किया संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग

मध्य प्रदेश उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को मिल रहे जनसमर्थन, सहानुभूति और लोकप्रियता से घबराई बीजेपी ने चुनाव आयोग का दुरूपयोग कर कमलनाथ से स्टार प्रचारक का दर्जा छीनने में सफलता हासिल की है।

यहाँ यह बताना उचित होगा कि दो दिन पहले ही चुनाव आयोग द्वारा कमलनाथ को उनके द्वारा बग़ैर किसी पूर्वाग्रह और दुर्भावना के बोले गये शब्द पर पहले ही क्लीन चिट देते हुए मामले का पटाक्षेप कर दिया गया था। दो दिन बाद फिर उसी मामले में बग़ैर किसी नोटिस के नया आदेश जारी करना बीजेपी की बौखलाहट और संस्थाओं पर नियंत्रण की अनैतिक कोशिश का प्रमाण है।

भाजपा के मंत्री बिसाहू लाल द्वारा “रखैल” जैसे शब्दों का उपयोग एवं मंत्री इमरती देवी द्वारा लगातार कई आपत्तिजनक एवं विवादित शब्दों के उपयोग पर चुनाव आयोग मौन है। भाजपा महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं मंत्री गिर्राज डंडोतिया द्वारा भी अत्यंत आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग इन चुनाव में किया गया।

चुनाव आयोग द्वारा दिनांक 26 अक्टूबर को कमलनाथ से संबंधित इस मुद्दे पर उनके द्वारा आयोग को प्रस्तुत अपने जवाब का उल्लेख करते हुए यह समझाइश दी गयी थी की उन्हें अपने भाषणों में सावधान रहना चाहिए, परन्तु 4 दिन बाद ही चुनाव आयोग कमलनाथ द्वारा प्रस्तुत जवाब से असंतुष्ट हो जाता है एवं एक नया आदेश जारी कर कमलनाथ को स्टार प्रचारक की सूची से हटाने का आदेश जारी किया गया है। चुनाव आयोग की यह कार्यवाही आयोग की निष्पक्षता पर बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह है।

बहरहाल भारतीय जनता पार्टी ने आज यह तो बता ही दिया है कि वह सभी 28 सीटों पर चुनाव हार रही है। कमलनाथ जैसे स्टार प्रचारक तो जनता के स्टार होते हैं और जनता उनकी प्रचारक होती है।

मध्य प्रदेश की जनता बीजेपी के हर हथकंडे को अच्छी तरह से समझ रही है और यह भी जान रही है कि भारतीय जनता पार्टी किस तरह से उसकी आँखों में धूल झोंक रही है। जनता अब बीजेपी की हर साज़िश का करारा जवाब देने के लिये तैयार है।

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