भोपाल में 3000 कैदियों को जेल के अंदर किया क्वॉरंटाइन, नए कैदी की जेल में नो एंट्री*

*भोपाल में 3000 कैदियों को जेल के अंदर किया क्वॉरंटाइन, नए कैदी की जेल में नो एंट्री*

*- अब भोपाल सेंट्रल जेल में कोई भी नया कैदी नहीं आएगा*

*- जेल में लगातार बरती जा रही है सावधानी*

भोपाल. अभी तक शहर की जनता को ही घरों में या दूसरी जगह पर क्वॉरंटाइन किया जा रहा था, लेकिन अब उन कैदियों को भी क्वॉरंटाइन किया गया है जो जेल की चार दीवारों में कैद हैं. यह सब कोरोनावायरस के चलते किया गया है. अब जेलों के अंदर नए कैदी की एंट्री भी नहीं होगी. उसके लिए जेल प्रशासन ने अलग से व्यवस्था की है. इस समय भोपाल सेंट्रल जेल में 3000 कैदी बंद हैं. इससे पहले सरकार के निर्देश के बाद करीब 800 कैदियों को रिहा किया गया था. लेकिन भोपाल में लगातार बढ़ रहे कोरोना पॉजिटिव मरीजों की वजह से जेल प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है.

इस फैसले के तहत अब भोपाल सेंट्रल जेल में लगातार सावधानी बरती जा रही है. इसके अलावा अब भोपाल सेंट्रल जेल में कोई भी नया कैदी नहीं आएगा. जो भी नए कैदी आएंगे उन्हें भोपाल जिला जेल में रखा जायगा. इसको लेकर जेल प्रशासन ने अलग से व्यवस्था भी की है. साथ ही भोपाल सेंट्रल जेल में भोपाल पुलिस को इस संबंध में पत्र भी लिख दिया है.

*कैदियों को किया गया क्वॉरंटाइन*

भोपाल सेंट्रल जेल के अधीक्षक दिनेश नरगावे के अनुसार कोरोना संक्रमण को लेकर जेल के अंदर तमाम सावधानी बरती जा रही है. सोशल डिस्टेंस का पालन कैदियों के साथ काम करने वाला स्टाफ भी कर रहा है. सभी कैदियों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. जेल के अंदर आइसोलेशन वार्ड भी बनाए गए हैं. इसके अलावा सभी 3000 कैदियों को क्वॉरंटाइन जेल के अंदर ही किया गया है. बैरक के अंदर भी कैदियों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा रहा है. जेल के अंदर होने वाली सामूहिक गतिविधि गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. कैदियों को सिर्फ जरूरी सामान दिया जा रहा है. उनके खाने-पीने का भी ध्यान दिया जा रहा है. साथ ही जेल के अंदर वह सभी व्यवस्थाएं की गई है जिससे कि संक्रमण से बचा जा सके.

*इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर*

वहीं, कोरोना वायरस से बचाव के लिए देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन है. इस दौरान राजधानी भोपाल में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर बनाया गया है. इस कमांड सेंटर से पूरे प्रदेश भर में नजर रखी जा रही है. प्रदेश भर में लोगों को क्या परेशानियां है, इसे लेकर कंट्रोल सेंटर की टीम लगातर 24 घंटे काम कर रही है. साथ ही लोगों की परेशानियों का तुरंत समाधान भी करती है. भोपाल के साथ पूरे प्रदेश भर में इस कंट्रोल रूम से लोगों तक मदद पहुंचाई जा रही है.

*कमांड सेंटर में लगी दो स्क्रीन*

स्मार्ट सिटी के कमांड एवं कंट्रोल रूम में दो बड़ी स्क्रीन लगाई गई है जिसमें एक स्क्रीन से पूरे प्रदेश भर पर नजर रखी जा रही है. पहली स्क्रीन पर सीएम हेल्पलाइन पर जो फोन कॉल आ रहे हैं. वह सीधे इस कमांड सेंटर में कनेक्ट हैं. चाहे परिवहन से संबंधित समस्या हो, या राशन या फिर कोई सामान नहीं मिल रहा हो या फिर स्वास्थ्य संबंधी डॉक्टर ना मिलने की कोई परेशानी हो या चिकित्सीय परामर्श या फिर किसी व्यक्ति के कहीं दूसरे राज्य में फंसे होने की समस्या हो. हर व्यक्ति इस सेंटर पर कॉल कर रहा है. जिसमें अब तक सीएम हेल्पलाइन के तहत यहां पर 18000 से ज्यादा शिकायतें पहुंच चुकी है जिसमें 17500 शिकायतों का तुरंत ही निराकरण कर लिया गया है. वहीं, दूसरी स्क्रीन से भोपाल में नजर रखी जा रही है. यानी मरीजों की स्थिति क्या है और क्वॉरंटाइन किए गए लोगों की स्थिति क्या है दूसरी स्क्रीन से उन तमाम लोगों की परेशानियां भी जाने जा रही है.

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