अब घर बैठे मिल सकेगी संपत्ति की पूरी जानकारी
भोपाल। मप्र में अब न तो प्रापर्टी को छिपाना आसान होगा और न ही उसकी जानकारी हासिल करना मुश्किल। जल्द ही घर या ऑफिस या कोई दूसरी प्रॉपर्टी की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। दरअसल, संपदा के 2.0 वर्जन में नया विकल्प जोड़ा गया है। इसके जुडऩे के साथ ही अगर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित प्रदेश के किसी भी जिले में प्रॉपर्टी खरीदी है या पहले से नाम पर दर्ज है, तो उसका रिकार्ड नई रजिस्ट्री कराने पर सामने आ जाएगा। ऐसे में आपके द्वारा किस शहर में कौन-कौन सी संपत्ति के दस्तावेज पंजीबद्ध कराए हैं, उसका रिकार्ड ढूंढना अब चंद सेकंड का काम होगा। गौरतलब है कि पंजीयन विभाग ने 2015 से ई-रजिस्ट्री के तहत संपदा का साफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन प्लॉट बुक करने के बाद पंजीयन दफ्तरों में ई-रजिस्ट्री कराई जाती है। वर्तमान में रजिस्ट्री कराने पर यह पता नहीं चलता कि इस व्यक्ति के नाम कितनी अन्य प्रॉपर्टी दर्ज हैं। पंजीयन अफसरों का कहना है कि संपदा के साफ्टवेयर के अपडेशन का काम चल रहा है। जिसके तहत अब रजिस्ट्री कराने वालों का डेटा एक जगह पर डिस्प्ले हो जाएगा, ऐसा करने से एक व्यक्ति के नाम दर्ज प्रॉपर्टी की जानकारी आसानी से मिल जाएगी।
यह भी होगा फायदा
जमीन, मकान की रजिस्ट्री, ई-स्टांप, खसरा और बिल्डर के रेरा रजिस्ट्रेशन की जांच घर बैठे कहीं भी ऑनलाइन कर सकते हैं। वह भी सिर्फ एक क्लिक में। इसके लिए एमपीआईजीआर पोर्टल पर पांच तरह की लिंक को होम पेज पर उपलब्ध करा दिया गया है। इन डायरेक्ट लिंक की मदद से दस्तावेजों के नंबर डालकर आप पता लगा सकते हैं कि आपकी संपत्ति रजिस्टर्ड है या नहीं। आप जिस कॉलोनी में मकान लेना चाहते हैं, उस बिल्डर का रेरा में रजिस्ट्रेशन है या नहीं। आपने जो ई-स्टांप बनवाया है, वह वैध या नहीं?
यह किए जा रहे बदलाव
प्रदेशभर में दर्ज दस्तावेजों की जानकारी एक क्लिक में मिले। इसके लिए संपदा के साफ्टवेयर में बदलाव किया जा रहा है। इस बदलाव के बाद 2015 से दर्ज प्रॉपर्टी का रिकार्ड मर्ज कर लिया जाएगा। जिससे प्रदेश के किसी भी हिस्से में रजिस्ट्री कराने पर यह पता चल जाएगा कि संबंधित व्यक्ति के नाम अन्य जगहों पर भी प्रॉपर्टी दर्ज हैं। ऐसा होने से आयकर सहित अन्य विभाग को इसकी जानकारी देने में भी आसानी होगी। अभी इसकी जानकारी देने में खासा समय लगता है।






