*सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली के दौरान बढ़े हुए हवाई किराए के खिलाफ याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया*
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ऐसी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें 2026 के दिवाली त्योहार के दौरान घरेलू हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया गया। याचिका में सरकार से मांग की गई कि त्योहारों के दौरान घरेलू उड़ानों के किराए को सीमित (कैप) करने के लिए कोई व्यवस्था बनाई जाए। याचिका में मौजूदा त्योहारों के सीजन और साल के अंत में आने वाले त्योहारों के दौरान किराए को सीमित करने के लिए अंतरिम निर्देश देने की भी मांग की गई।
इस अर्जी को जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस अपरेश सिंह की बेंच के सामने रखा गया। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील अभिनव ने बताया कि हवाई किराया सामान्य किराए के मुकाबले 700% तक बढ़ गया। उन्होंने कहा कि हवाई यात्रा आवश्यक सेवा है और किराए में इतनी बढ़ोतरी संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। जस्टिस नाथ ने मामले को सूचीबद्ध करने से इनकार करते हुए कहा, “हवाई यात्रा न करें। अगला मामला।” यह अंतरिम अर्जी याचिकाकर्ता एस. लक्ष्मीनारायण ने अपनी लंबित जनहित याचिका (PIL) के तहत दायर की। उनकी यह PIL एल्गोरिदम-आधारित डायनेमिक प्राइसिंग, अचानक टिकट की कीमतों में भारी बढ़ोतरी और अन्य अतिरिक्त शुल्कों के खिलाफ है। कोर्ट के पिछले आदेश के अनुसार, इस PIL पर अब 16 नवंबर 2026 को सुनवाई होनी है।
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