संबोध कार्यशाला का आयोजन
: मुंबई
दिनांक 31/10/2026 को महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल, कालबादेवी में तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम (TPF), मुंबई सिटी द्वारा आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी शिष्याएँ शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी एवं शासनश्री साध्वीश्री मंजूरेखाजी आदि ठाणा-5 के सान्निध्य में TPF सदस्यों के लिए विशेष संबोध कार्यशाला का आयोजन किया गया।
व्यस्त व्यावसायिक एवं पारिवारिक जीवन के बीच आध्यात्मिक उन्नति को प्राथमिकता देते हुए TPF के सदस्य साध्वीश्रीजी के पावन सान्निध्य में तत्वज्ञान एवं आध्यात्मिक चिंतन का लाभ लेने के लिए उपस्थित हुए।
इस अवसर पर शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी ने कर्मों का विश्लेषण करते हुए बताया कि जैन मान्यता के अनुसार कोई भी कार्य भगवान नहीं करते, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार ही फल प्राप्त होता है। आपने आठ कर्मों एवं उनकी प्रकृतियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
शासनश्री साध्वीश्री मंजूरेखाजी ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अत्यंत आत्मीय आह्लाद है कि TPF के सदस्य अध्यात्म एवं तत्वज्ञान को सीखने और समझने के लिए यहाँ उपस्थित हुए हैं।
कार्यशाला के दौरान जिज्ञासा समाधान का क्रम भी चला, जिसमें सदस्यों ने अपनी जिज्ञासाएँ प्रस्तुत कीं और उनका समाधान प्राप्त किया।
इस अवसर पर TPF मुंबई सिटी के अध्यक्ष राकेश मेहता, सेक्रेटरी जिगर डांगी, निवर्तमान अध्यक्ष नीरज मोटावत, भूपेंद्रकुमार जैन, कल्पेश कोठारी एवं हिमांशु गुलेच्छा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे एवं कार्यशाला के सहभागी बने।
कार्यशाला का संयोजन एवं संपूर्ण व्यवस्थापन स्पिरिचुअल कन्वीनर पंकज चोपड़ा द्वारा किया गया।
संबोध कार्यशाला का आयोजन : मुंबई
दिनांक 31/10/2026 को महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल, कालबादेवी में तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम (TPF), मुंबई सिटी द्वारा आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी शिष्याएँ शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी एवं शासनश्री साध्वीश्री मंजूरेखाजी आदि ठाणा-5 के सान्निध्य में TPF सदस्यों के लिए विशेष संबोध कार्यशाला का आयोजन किया गया।
व्यस्त व्यावसायिक एवं पारिवारिक जीवन के बीच आध्यात्मिक उन्नति को प्राथमिकता देते हुए TPF के सदस्य साध्वीश्रीजी के पावन सान्निध्य में तत्वज्ञान एवं आध्यात्मिक चिंतन का लाभ लेने के लिए उपस्थित हुए।
इस अवसर पर शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी ने कर्मों का विश्लेषण करते हुए बताया कि जैन मान्यता के अनुसार कोई भी कार्य भगवान नहीं करते, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार ही फल प्राप्त होता है। आपने आठ कर्मों एवं उनकी प्रकृतियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
शासनश्री साध्वीश्री मंजूरेखाजी ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अत्यंत आत्मीय आह्लाद है कि TPF के सदस्य अध्यात्म एवं तत्वज्ञान को सीखने और समझने के लिए यहाँ उपस्थित हुए हैं।
कार्यशाला के दौरान जिज्ञासा समाधान का क्रम भी चला, जिसमें सदस्यों ने अपनी जिज्ञासाएँ प्रस्तुत कीं और उनका समाधान प्राप्त किया।
इस अवसर पर TPF मुंबई सिटी के अध्यक्ष राकेश मेहता, सेक्रेटरी जिगर डांगी, निवर्तमान अध्यक्ष नीरज मोटावत, भूपेंद्रकुमार जैन, कल्पेश कोठारी एवं हिमांशु गुलेच्छा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे एवं कार्यशाला के सहभागी बने।
कार्यशाला का संयोजन एवं संपूर्ण व्यवस्थापन स्पिरिचुअल कन्वीनर पंकज चोपड़ा द्वारा किया गया।
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