*गौ संरक्षण के लिए केंद्र में बने अलग गौ मंत्रालय : आचार्य सुनील सागर जी*
इंदौर। गौमाता के संरक्षण, संवर्धन एवं गौहत्या की पूर्ण समाप्ति के लिए केंद्र सरकार को पृथक गौ मंत्रालय की स्थापना करनी चाहिए। यह महत्वपूर्ण बात प. पू. आचार्य सुनील सागर जी महाराज ने प. पू. स्वामी कृष्णानंद जी महाराज से विस्तृत चर्चा के दौरान कही।
आचार्य श्री ने कहा कि गौ संरक्षण अब केवल धार्मिक भावना का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकता का विषय है। केंद्र में अलग गौ मंत्रालय बनने से गौशालाओं, निराश्रित गौवंश, देशी नस्लों के संरक्षण, गौ आधारित कृषि एवं अर्थव्यवस्था तथा गौहत्या की रोकथाम जैसे विषयों पर एकीकृत और प्रभावी नीति बनाई जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि यह सही समय है कि केंद्र और राज्य सरकारें निर्णय लेकर गौ संरक्षण को प्राथमिकता दें। केंद्र में गौ मंत्रालय की स्थापना गौमाता को राष्ट्र माता का सम्मान दिलाने की दिशा में भी एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध हो सकती है।
स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने भी कहा कि गौ संरक्षण भारतीय संस्कृति, कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से गहराई से जुड़ा विषय है। इसके लिए सरकार और समाज को मिलकर दीर्घकालीन एवं प्रभावी व्यवस्था बनानी होगी।
“गो सम्मान आह्वान अभियान” के माध्यम से देशभर में गौमाता के सम्मान, संरक्षण एवं संवर्धन तथा गौहत्या की पूर्ण समाप्ति के लिए जनजागरण किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य सरकार और समाज का ध्यान गौ संरक्षण के लिए ठोस एवं स्थायी राष्ट्रीय व्यवस्था की ओर आकर्षित करना है।इस अवसर पर वीरेन्द्र कुमार जैन, इंद्रमल सेठी,विजय बाकलीवाल,गिरीश पाटोदी,संदीप गंगवाल,के सी जैन,टी के वेद,प्रवीण खारीवाल,मनीष बिसानी, धर्मेश शाह,भरत जोशी, शर्मिला जैन आदि उपस्थित थे।
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