समायिक दिवस पर धर्माराधना से गूंजा महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल
मुंबई, 10 सितंबर 2026। पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के तृतीय दिवस समायिक दिवस के अवसर पर महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल, कालबादेवी में श्रद्धा, साधना और आत्माराधना का विशेष वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने उपस्थित होकर साध्वीश्री के प्रवचन का श्रवण किया तथा समायिक के माध्यम से आत्मचिंतन और आध्यात्मिक साधना का लाभ लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ तेरापंथ युवक परिषद दक्षिण मुंबई द्वारा मंगलाचरण से हुआ। मंगलाचरण के माध्यम से वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया। समायिक दिवस के महत्व को समझते हुए उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने निर्धारित समय में समायिक साधना कर आत्मनिरीक्षण, संयम एवं आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में कदम बढ़ाया।
समायिक दिवस के अवसर पर साध्वीश्री ने अपने प्रवचन में समायिक के आध्यात्मिक महत्व एवं जीवन में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी ने ससम्मान संविधान को व्याख्यायित किया, और उसके साथ स्वयं के जीवन को सौभाग्यशाली माना कि जैन शासन का गौरव है एक गुरु के नेतृत्व में चरित्र की परिपालना। आपने आगे कहा कि आज पर्युषण महापर्व के उपलक्ष्य में हमारा सामायिक दिवस है। सामायिक अनुष्ठान में समर्पित श्रावक एक मुहूर्त के लिए मुनि जैसा जीवन जीता हुआ सांसारिक कामों से उपरत हो जाता है। साध्वीश्री ने ठाणं सूत्र के आधार पर अच्छेरों का वर्णन सुनाया जो पूरे समाज के लिए सर्वथा विशिष्ट था।
शासनश्री साध्वीश्री मंजुरेखाजी ने कहा – सामायिक यानि समता को प्रतिष्ठित करना, आप सभी जानते हैं कि समता के बिना, परिवार और समाज नहीं चल सकता यह शाश्वत सत्य है। इसके साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन में भी समता बहुत जरूरी है क्योंकि आज जितने भी अपराध हो रहे हैं वे ईगो के कारण बढ़ता हुआ क्रोध इंसान की जिंदगी बिगाड़ देता है, जरूरी है क्रोध का शमन करें। साध्वीश्री मंजूरेखाजी, उदितप्रभाजी, निर्भयप्रभाजी, चेलनाश्रीजी ने एक मधुर गीत के द्वारा पूरा माहौल आध्यात्मिक बना दिया। साध्वीश्री चेलनाश्री जी ने सामायिक दिवस के उपलक्ष्य में सुन्दर प्रस्तुति दी। संयोजन किया शासनश्री साध्वी मंजूरेखाजी ने।
समायिक दिवस का यह आयोजन उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के लिए आत्मचिंतन, संयम और साधना की प्रेरणा लेकर आया। पर्युषण महापर्व के इन पावन दिनों में धर्माराधना के प्रति बढ़ता उत्साह और बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं की सहभागिता तेरापंथ समाज की आध्यात्मिक जागरूकता एवं सामूहिक साधना का प्रेरक उदाहरण बनी।
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद से राष्ट्रीय सहमंत्री अंकुर लुणीया, प्रकाशन प्रभारी महेश परमार तथा ज़ोनल कॉर्डिनेटर कमलेश भंसाली की विशेष उपस्थिति रही। साथ ही आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन, श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ महिला मंडल तथा अणुव्रत समिति दक्षिण के पदाधिकारियों सहित सभी सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
यह जानकारी दक्षिण मुंबई सभा मीडिया प्रभारी नितेश धाकड़ एवं तेरापंथ युवक परिषद दक्षिण मुंबई उपाध्यक्ष दर्शन डागलिया ने दी।
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