पर्युषण के दूसरे दिन स्वाध्याय दिवस पर महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में उमड़ा श्रावक-श्राविकाओं का जनसैलाब
मुंबई, 9 सितंबर 2026। पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के दूसरे दिन स्वाध्याय दिवस के अवसर पर महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल, कालबादेवी में धर्माराधना का विशेष वातावरण देखने को मिला। प्रातःकालीन प्रवचन में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने उपस्थित होकर स्वाध्याय एवं धर्माराधना का लाभ लिया।
कार्यक्रम का मंगलाचरण श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, दक्षिण मुंबई द्वारा किया गया। मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम का आध्यात्मिक शुभारंभ हुआ और पूरा परिसर धर्ममय वातावरण से गुंजायमान हो उठा।
पर्युषण महापर्व के दूसरे दिन भी श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। दक्षिण मुंबई के साथ-साथ दादर, परेल एवं एलफिंस्टन क्षेत्र के तेरापंथ समाज से भी अनेक श्रावक-श्राविकाएं विशेष रूप से प्रवचन का लाभ लेने के लिए महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल पहुंचे।
स्वाध्याय दिवस के उपलक्ष्य में शासनश्री साध्वी श्री कंचनप्रभाजी ने कहा- स्वाध्याय अपने आपको देखने का हिन है। स्वाध्याय के साथ अगर विचार व्यवहार जुड़ जाता है तो अपने आप एक नवीन जीवन शैली प्रतिष्ठित होती है, तथा मन आत्म उपलब्धि की और चला जाता है।
शासनश्री साध्वीश्री मंज़ूरेखाजी ने कहा – स्वाध्य के साथ अगर अनुप्रेक्षा का क्रम बन जाता है तो अपने आप समज में आ जाता है कि जीवन में खोया क्या पाया।
स्वाध्याय क्या है? इस विषय पर साध्वीश्री निर्भयप्रभाजी ने विचार व्यक्त किए। शासन श्री साध्वीश्री मंजुरेखाजी, उदितप्रभाजी, निर्भयप्रभाजी तथा चेलनाश्रीजी ने, सुमधुर गीत के द्वारा माहोल को स्वाध्यायमय बना दिया।
स्वाध्याय दिवस के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं ने आत्मचिंतन, ज्ञानाराधना एवं आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। पर्युषण के इन पावन दिनों में बड़ी संख्या में समाजजनों की सहभागिता से आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा और अधिक बढ़ी। समाचार प्रेषक नितेश धाकड़ एवं दर्शन डागलिया।
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