*अभिनव कला समाज में सजी शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की मनभावन संध्या ‘बरखा ऋतु आई’*

*इन्दौर।* भारतीय संस्कृति और संगीत की प्रतिष्ठित संस्था अभिनव कला समाज ने वर्षा ऋतु को समर्पित विशेष सांस्कृतिक संध्या ‘बरखा ऋतु आई’ का आयोजन किया ।
कार्यक्रम में इंदौर के वरिष्ठ शास्त्रीय गायक पं. सुनील मसूरकर ने राग मियाँ मल्हार में ‘घन गरजत बरसत बूंद बूंद’ प्रस्तुत की जिसमे बंदिश की खूबसूरत लयकारी तथा स्वरावली ने मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी गंभीर आलापी तथा शब्द आलाप से राग की छवि मुखरित हुई। राग मियां मल्हार में सुन्दर तराना और अपनी अंतिम प्रस्तुति में मिश्र पहाड़ी में कजरी एवं भैरवी में दादरा की मनभावन पेशकश की। डॉ. शिल्पा मसूरकर ने भी प्रस्तुति में बखूबी साथ निभाया।
वरिष्ठ शास्त्रीय गायिका डॉ. पूर्वी निमगांवकर ने राग मेघ मल्हार में विलंबित बंदिश ‘ए छाई घटा’ प्रस्तुत की जिसमे प्रारंभ में विलंबित आलापी मंद सप्तक में अति श्रवणीय रही जिसमे छाई घटा घनघोर का भाव प्रभावशील दिखाई दिया। शब्द आलापी में बढ़त करते हुए सौन्दर्य तथा भावपूर्ण बंदिश पेश की। विलंबित रूपक ताल में तानों का बड़ा खूबसूरत समावेश था जिसमे दमदारी की ताने तथा मूर्कियों को श्रोताओं ने पसंद किया। मेघ श्याम घनश्याम द्रुत में प्रस्तुत किया। अंतिम उप-शास्त्रीय प्रस्तुति में ‘बरसे कारी रे बदरिया’ जो कि राग मिश्रगारा में निबद्ध थी से श्रोताओं को आनंदित किया।
पं. दिलीप मुंगी ने राग जयजयवंती में बड़ा ख़्याल पलना घड़ लाओ बढैय्या एवं छोटा ख्याल दामिनी दमके डर मोहे लागे प्रस्तुत किया। इसके साथ ही राग रामदासी मल्हार में भजन श्याम बिना उन्हीं में बदरा” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सुचित्रा हरमलकर की शिष्या फाल्गुनी जोशी की नृत्य प्रस्तुति से हुई। उन्होंने अपनी कथक प्रस्तुति का शुभारंभ शिव वंदना के साथ किया। इसके पश्चात उन्होंने ताल तीनताल में कुछ सुंदर बंदिशें प्रस्तुत कीं तथा अपनी प्रस्तुति का समापन राग मल्हार में लयबद्ध तराना के साथ किया।भावपक्ष की विविध विधाओं में झूला, ठुमरी, दादरा, कजरी तथा मल्हार की प्रस्तुति की।
अभिनव कला समाज के मल्हार उत्सव में गीतकारों की प्रस्तुति के साथ तबले पर पं. हितेन्द्र दीक्षित एवं श्री बालकृष्ण सनेचा तथा हारमोनियम पर श्री रोहित अग्निहोत्री ने कुशल संगत कर प्रस्तुतियों में चार चाँद लगा दिए। पं. दीक्षित ने तीनों कलाकारों के साथ अद्भुत संगत करते हुए उनकी दमदार तैयारी तथा अनुभव से महफ़िल को प्रफुल्लित किया। साथ ही हारमोनियम वादक श्री अग्निहोत्री ने उत्कृष्ट संगत की।
प्रारंभ में वरिष्ठ संगीतज्ञ श्री विजय गावड़े, गजल गायक श्री बुंदू खान, वरिष्ठ गायक श्री प्रकाश खानविलकर एवं श्री डॉ. किशोर काले ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
अतिथियों एवं कलाकारों का स्वागत सर्वश्री प्रवीण खारीवाल, सत्यकाम शास्त्री, कमल कस्तूरी, पंकज क्षीरसागर, बंसीलाल लालवानी, अन्नू शर्मा, अनिल धड़वइवाले और सोनाली यादव ने किया। कार्यक्रम का संचालन जावेद खान ने किया।सभागार में शहर के गणमान्य नागरिक, संगीत-प्रेमी एवं कलाविद बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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