*अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा रनर कार्तिक जोशी का नाम स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज*
*70000 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर खेल जगत में रचा विश्व कीर्तिमान*
इंदौर।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के अल्ट्रा रनर कार्तिक जोशी को अल्ट्रा रनिंग के क्षेत्र में उनके असाधारण समर्पण, अद्वितीय सहनशक्ति और प्रेरणादायक उपलब्धियों के लिए स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मेयर पुष्पमित्र भार्गव,प्रेसिडेंट विवेक जैन द्वारा सम्मानित किया गया है। इस अवसर पर उनका नाम आधिकारिक रूप से स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अभिलिखित किया गया।
कार्तिक जोशी ने पिछले 9 वर्षों में 73,000 किलोमीटर से अधिक दौड़ पूरी कर खेल जगत में एक अनूठा कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने देश-विदेश की अनेक कठिन और प्रतिष्ठित अल्ट्रा मैराथन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर भारत का गौरव बढ़ाया है।
उनकी प्रमुख उपलब्धियों में इंडियाज़ बैकयार्ड अल्ट्रा मैराथन में 277 किमी, 262 किमी एवं 195 किमी की दौड़ पूरी कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित करना शामिल है। इस प्रतियोगिता में उन्होंने 5 स्वर्ण और 2 रजत पदक भी अर्जित किए हैं।
दक्षिण अफ्रीका की विश्व प्रसिद्ध और अत्यंत कठिन कॉमरेड्स रन मैराथन (88 किमी) को 7 घंटे 26 मिनट में पूरा कर वे 96 वर्षों में सिल्वर मेडल जीतने वाले पहले भारतीय धावक बने। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश में आयोजित सोलंग स्काई रनिंग – “द हेल रेस” में 6,351 मीटर की ऊंचाई पर 100 किमी की चुनौतीपूर्ण दौड़ सफलतापूर्वक पूरी की।
बेंगलुरु में आयोजित हेनूर बैम्बू अल्ट्रा मैराथन में 41 घंटे में 250 किमी की दौड़ लगातार पूरी कर उन्होंने उल्लेखनीय सफलता हासिल की। वहीं इंडिया ओपन चैंपियनशिप (AFI) में 119 किमी दौड़कर कांस्य पदक तथा एशिया-ओशिनिया 100 किमी चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक प्राप्त किया।
कार्तिक जोशी प्रतिदिन औसतन 22 से 25 किलोमीटर अभ्यास करते हैं और अब तक 60 से अधिक अल्ट्रा मैराथन सफलतापूर्वक पूरी कर चुके हैं। खेल उपलब्धियों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने इंदौर के 69 वार्डों में 651 किलोमीटर की स्वच्छता रन आयोजित कर जनजागरण का संदेश दिया।
स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की डायरेक्टर शारदा जैन ने कहा कि कार्तिक जोशी की उपलब्धियां युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर प्रयास यह सिद्ध करते हैं कि समर्पण और मेहनत के बल पर असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर कार्तिक जोशी ने कहा,
“संघर्ष ने मुझे टूटना सिखाया, जुनून ने मुझे रुकने नहीं दिया और लक्ष्य ने मुझे दुनिया तक पहुंचाया।”
स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान उनकी खेल यात्रा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का गौरवपूर्ण प्रमाण है।
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