*पर्यावरण समर्पित अनूठी शादी की गूंज प्रधानमंत्री कार्यालय तक*
*’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रेरित पहल बनी देशभर में चर्चा का विषय, *सांसद शंकर लालवानी ने भेजी जानकारी*
इंदौर। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाली इंदौर के एक जैन परिवार की अनूठी शादी अब देशभर में चर्चा का विषय बन गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से प्रेरित इस विवाह की जानकारी इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी है। पर्यावरण, सामाजिक जिम्मेदारी और जैन संस्कारों के समन्वय से आयोजित इस विवाह समारोह की देशभर में सराहना हो रही है।
गारमेंट्स व्यवसाय, उद्योग जगत, समाजसेवा और विभिन्न सामाजिक संगठनों में सक्रिय पहचान रखने वाले अक्षय जैन ने अपने पुत्र पार्थ जैन का विवाह 12 जुलाई को इंदौर निवासी अनवी जैन के साथ जैन धर्म की परंपराओं एवं सादगीपूर्ण रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया।
इस विवाह की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि परिवार ने निमंत्रण पत्र के माध्यम से सभी अतिथियों से आग्रह किया कि वे किसी प्रकार का उपहार, शगुन या नकद राशि लेकर न आएं। यदि नवदंपती को आशीर्वाद देना चाहते हैं तो अपने घर, आंगन अथवा किसी उपयुक्त स्थान पर एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लें।
इस अनूठी पहल को मेहमानों ने पूरे उत्साह के साथ स्वीकार किया। विवाह समारोह में 264 पौधे उपहार स्वरूप प्राप्त हुए। इनमें से 40 पौधों का रोपण विवाह स्थल पर ही किया गया। इस अवसर पर इंदौर सांसद शंकर लालवानी, विधायक गोलू शुक्ला, पुलिस उपायुक्त राजेश त्रिपाठी सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अभिनव विवाह की चर्चा अब इंदौर और मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रही। देशभर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स इस विवाह पर रील और वीडियो बनाकर साझा कर रहे हैं। प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी इस अनूठी पहल को व्यापक स्थान मिला है।
इस पहल से प्रभावित होकर इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने विवाह समारोह की संपूर्ण जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी है। उनका मानना है कि यह आयोजन प्रधानमंत्री के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को समाज के बीच व्यवहारिक रूप से आगे बढ़ाने का प्रेरक उदाहरण है।
अक्षय जैन का कहना है कि विवाह केवल पारिवारिक उत्सव नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने का अवसर भी होता है। यदि प्रत्येक परिवार अपने शुभ अवसरों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ दे, तो यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले सकता है और लाखों नए पौधे धरती को हराभरा बनाने में योगदान देंगे।
सादगी, जैन संस्कार और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला यह विवाह आज देशभर में प्रेरणादायी सामाजिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।






